पंचकूला, 26 मई- उपायुक्त सतपाल शर्मा ने आज लघु सचिवालय के सभागार में जिला सड़क सुरक्षा समिति एवं सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी की आयोजित बैठक की अध्यक्षता की। उन्होने एनएच, एचएसवीपी, पीएमडीए, पीडब्ल्यूडी को मानसून से पहले पैच वर्क का कार्य पूरा करने व साईन बोर्डों को दुरूस्त करने के निर्देश दिए।
सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने निर्देश दिए कि सभी स्कूल बसों का नियमित निरीक्षण किया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि वाहनों में बच्चों की सुरक्षा के लिए आवश्यक उपकरण और प्राथमिक चिकित्सा किट उपलब्ध हो। उन्होने आरटीए को नोर्म न पूरे करने वाली स्कूली बसों के ज्यादा से ज्यादा चालान करने के साथ साथ सख्त कार्रवाही करने के निर्देश दिए।
पुलिस विभाग को जिले के भीड भाड वाले क्षेत्रों में ट्रकों के आवागमन को कम करने के निर्देश दिए ताकि दुर्घटनाओं को रोका जा सके। उपायुक्त ने ट्रको की एंट्री प्रातः 8 बजे से रात 8 बजे तक बंद करने के निर्देश दिए। सचिव आरटीए हैरतजीत कौर ने सभी विभागों द्वारा सडक सुरक्षा व सुरक्षित वाहन पोलिसी पर किए गए कार्यों की रिपोर्ट उपायुक्त के सम्मुख प्रस्तुत की।
उपायुक्त ने नगर निगम को सड़क दुर्घटनों में कमी लाने के लिए विभिन्न स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरे, जो क्रियाशील नहीं है, उन्हें दुरूस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस यह सुनिश्चित करें कि कोई भी ट्रैफिक लाईटस पर भीख न मांगता पाया जाए। इसके अलावा उन्होंने ओल्ड पंचकूला के आस पास खडी होने वाली टैक्सी व प्राइवेट सवारी गांड़ियों के भी चालान करने के निदेश दिए। इन गाडियों के यहां खड़े होने से भीड़ बढ़ती है व दुर्घटना का अंदेशा बना रहता हैं।
उपायुक्त ने पुलिस विभाग को निर्देश दिए कि विशेष रूप से स्कूल व कॉलेज जाने वाले विद्यार्थी वाहन चलाते समय ट्रैफिक नियमों का पालन करें। नियमों की अवहेलना करने वालों के चालान किए जाएं। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए सख्ती के साथ-साथ जागरूकता भी आवश्यक है। इसके लिए समय-समय पर शिक्षण संस्थानों में जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएं।
इस अवसर पर आरटीए सचिव श्रीमती हैरतजीत कौर, एसडीएम पंचकूला श्री चंद्रकांत कटारिया, वन विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी श्री विशाल कौशिक, एसीपी सुरेंद्र, डीडीपीओ विशाल पराशर, पीएमडीए के एसडीओ, इंस्पेक्टर आशीष, एनएचएआई, एचएसवीपी, सहित शिक्षा विभाग, नगर निगम, पीडब्ल्यूडी (बी एंड आर), और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।


