वरिष्ठ पत्रकार और लेखक दीपकमल सहारण की नई पुस्तक ‘चौपाल से चंडीगढ़’ हरियाणा की राजनीति को समझने के लिए चर्चा में है। यह पुस्तक हरियाणा विधानसभा चुनावों के लगभग 75 वर्षों के इतिहास को समेटती है और प्रदेश की राजनीतिक यात्रा का विस्तृत दस्तावेज प्रस्तुत करती है।

करीब 500 पृष्ठों की इस पुस्तक में हरियाणा की सभी 90 विधानसभा सीटों का चुनावी इतिहास, निर्वाचित विधायक, उम्मीदवार और चुनाव परिणामों का विस्तृत विवरण दिया गया है। लेखक ने विभिन्न स्रोतों में बिखरे आंकड़ों को एक स्थान पर संकलित कर पाठकों के लिए उपलब्ध कराया है। ये पुस्तक हरियाणा के समय समय पर बदलती राजनीतिक दृश्यों की झलक दिखाती है ।

पुस्तक केवल चुनावी आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें दलबदल, गठबंधन, राजनीतिक परिवारों, प्रभावशाली नेताओं और बदलते राजनीतिक समीकरणों का भी उल्लेख किया गया है। हरियाणा की राजनीति में हुए कई महत्वपूर्ण घटनाक्रमों को रोचक और तथ्यात्मक तरीके से प्रस्तुत किया गया है।

लेखक ने राज्य की राजनीति में जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों की भूमिका पर भी प्रकाश डाला है। जाट, गैर-जाट, अहीर, गुर्जर और दलित समुदायों के राजनीतिक प्रभाव के साथ-साथ अहीरवाल, मेवात और उत्तर हरियाणा जैसे क्षेत्रों की राजनीतिक प्राथमिकताओं का भी जिक्र किया गया है।

पुस्तक में हरियाणा की राजनीति पर प्रभाव डालने वाले प्रमुख राजनीतिक परिवारों और नेताओं की भूमिका को भी रेखांकित किया गया है। साथ ही विभिन्न चुनावों में राष्ट्रीय और स्थानीय मुद्दों के प्रभाव को समझाने का प्रयास किया गया है।

‘चौपाल से चंडीगढ़’ राजनीति विज्ञान, पत्रकारिता, इतिहास और जनसंचार के विद्यार्थियों के साथ-साथ सामान्य पाठकों के लिए भी उपयोगी पुस्तक मानी जा रही है। यह पुस्तक हरियाणा की लोकतांत्रिक और राजनीतिक यात्रा को समझने का एक महत्वपूर्ण माध्यम साबित हो सकती है।

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