हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुवार को सिरसा में आयोजित जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में विभिन्न विभागों से जुड़ी 19 शिकायतों पर सुनवाई हुई, जिनमें से 18 का मौके पर ही समाधान कर दिया गया, जबकि एक मामले को अगली बैठक तक लंबित रखा गया। बैठक में ओडिशा के पूर्व राज्यपाल प्रो. गणेशी लाल भी मौजूद रहे।

फर्जी वसीयत मामले की होगी विजिलेंस जांच

गांव गंगा निवासी परमजीत सिंह की शिकायत पर मुख्यमंत्री ने मृतक की जमीन फर्जी वसीयत के जरिए अपने नाम करवाने के आरोपों की विजिलेंस जांच के निर्देश दिए।

सोलर पैनल कंपनी की जांच के आदेश

गांव गुड़िया खेड़ा के विनोद कुमार ने शिकायत की कि भुगतान के बावजूद एक निजी कंपनी ने सोलर पैनल नहीं लगाए और न ही पैसे लौटाए। इसी कंपनी के खिलाफ अन्य शिकायतें भी सामने आने पर मुख्यमंत्री ने एमएस सोम कॉर्पोरेशन, हिसार के कार्यों की जांच के निर्देश दिए।

पुलिस कर्मचारी पर कार्रवाई के निर्देश

रानियां क्षेत्र की कमलेश कौर की शिकायत पर मुख्यमंत्री ने दोषी पुलिस कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। शिकायत में नाबालिग बच्चे से समझौते पर हस्ताक्षर करवाने का मामला सामने आया, जिसे मुख्यमंत्री ने गंभीर माना।

बैंक को ब्याज सहित भुगतान करने के निर्देश

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत प्रीमियम कटने के बावजूद मुआवजा नहीं मिलने की शिकायत पर मुख्यमंत्री ने संबंधित बैंक के खिलाफ कार्रवाई और किसान को ब्याज सहित भुगतान करने के निर्देश दिए।

पेंशन और HUDA फ्लैट मामलों की भी सुनवाई

बैठक में सेवानिवृत्त कर्मचारी की पारिवारिक पेंशन, एचएसवीपी (HSVP) फ्लैट आवंटन, दिव्यांग पेंशन और ट्यूबवेल कनेक्शन से जुड़े मामलों पर भी सुनवाई हुई। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को जांच और समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए।

दिव्यांगों को नए नियमों के तहत मिलेगा लाभ

मुख्यमंत्री ने बताया कि 18 वर्ष से कम आयु के दिव्यांगों के लिए आय सीमा संबंधी नया नोटिफिकेशन जारी हो चुका है, जिससे अधिक पात्र परिवारों को पेंशन का लाभ मिलेगा।

वन महोत्सव में किया पौधारोपण

बैठक से पहले मुख्यमंत्री ने चौधरी देवी लाल विश्वविद्यालय में आयोजित 77वें जिला स्तरीय वन महोत्सव के तहत पौधारोपण कर अभियान की शुरुआत की।

दो महत्वपूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण

मुख्यमंत्री ने डबवाली वीटा दुग्ध चिलिंग सेंटर का लोकार्पण किया। करीब 3.30 करोड़ रुपये की लागत से बने इस केंद्र की क्षमता 20 हजार लीटर प्रतिदिन है, जिससे 35 से अधिक गांवों के दुग्ध उत्पादकों को लाभ मिलेगा।

इसके अलावा सिरसा नागरिक अस्पताल में इंटीग्रेटेड ड्रग रिकवरी सेंटर का भी उद्घाटन किया गया। करीब 90 लाख रुपये की लागत से बने इस केंद्र में छह बेड का पुनर्वास वार्ड, परामर्श कक्ष, मनोवैज्ञानिक थेरेपी, ग्रुप थेरेपी और ई-लाइब्रेरी जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं।

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