हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि नीट पेपर लीक जैसे मामलों में केंद्र सरकार सख्त कार्रवाई कर रही है, जबकि विपक्ष युवाओं को गुमराह करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक मामलों में दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से जल्द सजा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
रोहतक स्थित महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (MDU) में मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर संसद में इस मुद्दे पर चर्चा से बचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष के पास कोई सकारात्मक सुझाव हैं तो उन्हें संसद में रखना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पेपर लीक की घटनाएं पिछली सरकारों के दौरान भी हुई थीं, लेकिन उस समय प्रभावी कदम नहीं उठाए गए। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने शिक्षा बजट को बढ़ाकर 1.39 लाख करोड़ रुपये किया है।
उन्होंने पंजाब में हाल ही में प्रतियोगी परीक्षा परिणामों को लेकर उठे विवाद का भी उल्लेख किया और कहा कि हरियाणा में पिछले साढ़े 11 वर्षों में बिना खर्ची और बिना पर्ची के 1.83 लाख युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं। परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए राज्य सरकार ने हरियाणा लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) अधिनियम, 2021 लागू किया है, जिसमें पेपर लीक जैसे अपराधों पर 2 से 10 वर्ष तक की सजा का प्रावधान है।
मुख्यमंत्री ने विपक्ष से छात्रों के हित में रचनात्मक सुझाव देने और संसद में सार्थक चर्चा करने की अपील की।


