हर साल लाखों श्रद्धालु देवभूमि उत्तराखंड में चारधाम यात्रा पर जाते हैं. कहा जाता है मोक्ष प्राप्ति का महत्वपूर्ण मार्ग है। यह यात्रा भगवान शिव, विष्णु और देवी गंगा-यमुना की आराधना का अनुपम अवसर है. लाखों लोग देश विदेश से इस यात्रा का बेसब्री से इंतजार करते है।
इस साल चारधाम यात्रा 19 अप्रैल से शुरू होने जा रही है.यात्रा शुरु होने के तारीख से भक्तों में खुशी का माहौल उमड़ पड़ा है। भक्त सबसे पहले अक्षय तृतीया का पावन पर्व खुद ही बहुत पावन माना जाता है ऐसे में इस दिन से यात्रा की शुरुआत होने से भक्तों को शुभ संयोग में दर्शन करने का अवसर प्राप्त हो रहा है। सबसे पहले भक्त यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के दर्शन कर पाएगें क्योंकि सबसे पहले यहां के कपाट खुलेंगे. इसके बाद केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम भी श्रद्धालुओं के लिए खुल जाएंगे.
हर साल यहां आने वाले भक्तों की संख्या लाखों के करीब रहती है। इस साल भी लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है. जिसके लिए रजिस्ट्रेशन की शुरुआत कल से हो चुकी है। उत्तराखंड सरकार ने इस यात्रा को लेकर तैयारी शुरु कर दिया है। चारधाम यात्रा न सिर्फ आस्था का सफर है, बल्कि प्रकृति और शांति का भी अनुभव है. चारधाम यात्रा 2026 को लेकर श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह है.
19 अप्रैल 2026 (रविवार)
गंगोत्री धाम – दोपहर 12:15 बजे
यमुनोत्री धाम – दोपहर 12:35 बजे
22 अप्रैल 2026 (बुधवार)
केदारनाथ धाम – सुबह 8:00 बजे
23 अप्रैल 2026 (गुरुवार)
बद्रीनाथ धाम – सुबह 6:15 बजे (ब्रह्म मुहूर्त में)
केदारनाथ धाम भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। ऊंचे हिमालयी क्षेत्र में स्थित यह धाम श्रद्धालुओं के लिए आस्था का बड़ा केंद्र है। बद्रीनाथ धाम भगवान विष्णु को समर्पित है और चारों धामों में सबसे प्रमुख माना जाता है।


