Iran और United States के बीच जारी तनाव के बीच लंबे समय से जारी तनातनी के बीच अब देशों के बीच परमाणु समझौता पर चल रही बातचीत अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुकी है। दावा किया जा रहा अमेरिका ईरान के अंदर 28 लाख करोड़ रुपए का भारी भरकम निवेश कर सकता है और इस पूरे समझौते में पाकिस्तान की बड़ी भूमिका होगी. समझौते के तहत ईरान 30 दिनों के अंदर होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह खोल सकता है।
28 लाख करोड़ का निवेश
रिपोर्ट्स के मुताबिक यह निवेश तेल, गैस और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में किये जाने की संभावना है. बताया जा रहा है कि यह प्रस्ताव पहले भी ओमान में हुई बातचीत के दौरान सामने आया था. ईरान चाहता है कि विदेशी निवेश के जरिए उसकी अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले और लंबे समय से लगे प्रतिबंधों का असर कम हो.
समझौते में पाकिस्तान बनेगा गारंटर
मीडिल ईस्ट में जारी संकट के दौरान पाकिस्तान ने दोनो देशों में मध्ययस्था को लेकर कई कदम उठाए थे अब सऊदी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रस्तावित अंतरिम समझौते में पाकिस्तान को गारंटर देश के तौर पर शामिल करने की चर्चा है. पाकिस्तान दोनों देशों के बीच भरोसे का पुल बनाने की भूमिका निभा सकता है.
हालांकि इस मामले पर अभी तक न तो ईरान और न ही पाकिस्तान की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने आया है । रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि ईरान ने परमाणु हथियार नहीं बनाने का भरोसा दिया है. हालांकि उसके पास मौजूद संवर्धित यूरेनियम को लेकर अंतिम फैसला अभी बाकी है।


