चंडीगढ़, 25 मार्च — हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने चंडीगढ़ स्थित अपने आवास संत कबीर कुटीर में भारत में रूसी संघ के राजदूत डेनिस अलीपोव से मुलाकात की। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच द्विपक्षीय सहयोग को और सुदृढ़ करने तथा नए सहयोग के अवसरों की तलाश को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।

बैठक की शुरुआत भारत और रूस के बीच लंबे समय से चले आ रहे मजबूत और भरोसेमंद संबंधों की समीक्षा की गई। इसके साथ—साथ, हरियाणा से रूस को निर्यात बढ़ाने की संभावनाओं पर भी विचार—विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री ने आई. टी.  ऑटोमोबाइल, एग्रो-प्रोसेसिंग, वस्त्र और विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में राज्य की क्षमताओं को रेखांकित करते हुए कहा कि हरियाणा रूसी बाजार की मांगों को पूरा करने में सक्षम है। दोनों पक्षों ने व्यापार को सुगम बनाने, लॉजिस्टिक चुनौतियों को दूर करने, बाजार पहुंच बढ़ाने और निर्यात-उन्मुख निवेश को प्रोत्साहित करने के उपायों पर विचार-विमर्श किया।

अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने पर बल

बैठक में हरियाणा और रूस के विभिन्न क्षेत्रों में साझेदारी के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उद्योग प्रतिनिधियों के आदान-प्रदान, प्रत्यक्ष व्यवसाय-से-व्यवसाय (बी2बी) संपर्क बढ़ाने और संयुक्त मंचों के आयोजन पर सहमति बनी, ताकि दोनों पक्षों की कंपनियां साझा हितों की पहचान कर दीर्घकालिक साझेदारी विकसित कर सकें। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भी सहयोग की व्यापक संभावनाओं पर मंथन किया गया।

डेनिस अलीपोव ने हरियाणा के लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र की सराहना करते हुए राज्य में औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका को स्वीकार किया। उन्होंने दोनों पक्षों के बीच सहयोग बढ़ाकर रोजगार के और अधिक अवसर सृजित करने की संभावनाओं पर बल दिया। व्यापार सुगमता के महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने हरियाणा स्थित उद्यमों के लिए रूसी बाजार तक पहुंच को सुगम बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। राजदूत ने राज्य के कुशल मानव संसाधन की भी प्रशंसा करते हुए कहा कि हरियाणा का प्रशिक्षित और सक्षम कार्यबल आर्थिक संबंधों को मजबूत करने और भविष्य के सहयोगों को समर्थन देने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।

Related Posts