चंडीगढ़, 18 मार्च 2026। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपनी सरकार के चार साल पूरे होने पर सिंचाई क्षेत्र में बड़े बदलाव का दावा किया है। उन्होंने कहा कि राज्य में नहरों के जरिए पानी की पहुंच 26% से बढ़ाकर 78% तक कर दी गई है, जिससे किसानों को बड़ा लाभ मिला है।

सीएम मान के अनुसार, सरकार ने 2022 से 2026 के बीच सिंचाई ढांचे को मजबूत करने के लिए करीब 6,700 करोड़ रुपये खर्च किए। उन्होंने बताया कि पहले जहां केवल 26 लाख एकड़ जमीन तक नहर का पानी पहुंचता था, वहीं अब यह बढ़कर 58 लाख एकड़ हो गया है। सरकार का लक्ष्य इसे 90% तक ले जाने का है।

उन्होंने कहा कि राज्य में 13,938 किलोमीटर नए जल चैनल बनाए गए हैं और 18,349 किलोमीटर पुराने चैनलों की मरम्मत और पुनर्जीवन किया गया है। इसके अलावा 101 मौसमी नदियों और नालों को भी पुनर्जीवित किया गया, जिससे 2.75 लाख एकड़ भूमि को सिंचाई का लाभ मिला है।

सीएम मान ने तरनतारन जिले का उदाहरण देते हुए बताया कि 22 किलोमीटर लंबी एक नहर, जो केवल कागजों में दर्ज थी, उसे जमीन के नीचे से खोजकर फिर से चालू किया गया।

राजस्थान से 1.44 लाख करोड़ की रॉयल्टी की मांग

जल विवाद के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि 1960 से 2026 तक राजस्थान पर पंजाब का लगभग 1.44 लाख करोड़ रुपये पानी की रॉयल्टी बकाया है। इस संबंध में राज्य सरकार ने 1920 के समझौते के तहत राजस्थान को औपचारिक पत्र भेजकर भुगतान की मांग की है।

उन्होंने दोहराया कि पंजाब सरकार जल संरक्षण के लिए गंभीर है और आने वाली पीढ़ियों के हित में संसाधनों को बचाने के लिए प्रतिबद्ध है

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