चंडीगढ़, 15 मई: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक बेहद दर्दनाक और भयावह हादसा सामने आया है जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। यह हादसा लखनऊ के मोहनलालगंज इलाके में स्थित किसान पथ पर हुआ, जहां दिल्ली से बिहार जा रही एक प्राइवेट स्लीपर बस में अचानक आग लग गई। उस समय बस में लगभग 60 यात्री सवार थे, जो अपनी लंबी यात्रा के दौरान गहरी नींद में थे।
घटना इतनी तेजी से घटी कि किसी को सोचने-समझने तक का मौका नहीं मिला। सिर्फ 10 मिनट के भीतर पूरी बस आग की लपटों में घिर गई और राख के ढेर में तब्दील हो गई। चारों तरफ चीख-पुकार मच गई, लोग खिड़कियों और दरवाजों की ओर भागे, लेकिन भाग्य कुछ और ही लिखा हुआ था। इस भयावह आग की चपेट में आकर 5 लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई।
जब नींद टूटी, तब आग ने सब निगल लिया
रात के समय बस में अधिकांश यात्री गहरी नींद में थे। अचानक, बस के अंदर धुआं भरने लगा और लोगों को घुटन महसूस होने लगी। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता या प्रतिक्रिया दे पाता, आग तेजी से फैल चुकी थी। कई लोगों ने खिड़की तोड़कर या बस के पिछले हिस्से से बाहर निकलने की कोशिश की, लेकिन बस की बनावट ने उन्हें मौका नहीं दिया।
ड्राइवर सीट के पास बनी अतिरिक्त सीट ने बाहर निकलने का रास्ता बंद कर दिया, जिससे कई लोग फंस गए और बाहर नहीं निकल पाए। इसी वजह से जान बचाने का रास्ता बंद हो गया और कुछ यात्री जलती हुई बस में ही रह गए।
जान बचाने की जद्दोजहद: ड्राइवर भाग गया
इस हादसे की सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि बस का ड्राइवर शीशा तोड़कर सबसे पहले बाहर कूद गया और फरार हो गया। ना तो उसने किसी यात्री की मदद की और ना ही बाद में वापस लौटकर कोई जानकारी दी। फिलहाल पुलिस ने उसके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और तलाश जारी है।
प्रत्यक्षदर्शियों की कहानी
हादसे के गवाह बने कई लोगों ने बताया कि आग की लपटें इतनी ऊंची थीं कि एक किलोमीटर दूर से साफ दिखाई दे रही थीं। अंदर मौजूद यात्रियों ने खुद बताया कि जैसे ही उन्हें धुएं की गंध आई, उन्होंने भागने की कोशिश की, लेकिन बहुत देर हो चुकी थी। कुछ लोग अपनी जान बचाने में सफल रहे, लेकिन 5 लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिल पाया।
दमकल की गाड़ियां आईं, पर तब तक सब खत्म हो चुका था
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और पुलिस मौके पर पहुंची, और दमकल विभाग को बुलाया गया। फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंचीं और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। लेकिन तब तक बस पूरी तरह से जलकर खाक हो चुकी थी और 5 यात्रियों की मौत हो चुकी थी। मृतकों की अभी शिनाख्त नहीं हो पाई है, उनके परिवारों से संपर्क किया जा रहा है।
आग लगने की वजह क्या थी?
पुलिस और फॉरेंसिक टीम की प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है, लेकिन असल कारण की पुष्टि फॉरेंसिक रिपोर्ट के आने के बाद ही हो सकेगी। इस हादसे के बाद यात्रियों और प्रत्यक्षदर्शियों ने यह सवाल उठाया है कि यदि बस की डिजाइन और इमरजेंसी व्यवस्था थोड़ी बेहतर होती, तो शायद इन निर्दोष लोगों की जान बचाई जा सकती थी।


