मीडिल ईस्ट में जारी संघर्ष अपने चरम पर है। ईरानी मीडिया ने दावा किया है कि ईरान के दो गैस संयंत्रों और एक पाइप लाइन को अमेरिका और ईजरायल ने निशाना बनाया है।मंगलवार को दो गैस संयंत्रों और एक पाइपलाइन को निशाना बनाया गया. फार्स न्यूज एजेंसी के मुताबिक यह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पावर इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला न करने की टिप्पणी के बाद किया गया.
वही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ पोस्ट में दावा किया था कि उनके लोग मिडिल ईस्ट तनाव कम करने के लिए प्रयासरत हैं. ईरान के साथ सकारात्मक और रचनात्मक बातचीत जारी है. इसी को देखते हुए उन्होंने पांच दिनों तक ईरान के ऊर्जा संयंत्रों पर हमले न करने का निर्देश दिया है. हालांकि इसके बाद ईरान का जवाब भी आया था. ईरान ने कहा कि वह मौजूदा संघर्ष में पीछे हटने वाला नहीं है. उसने कहा कि जब तक उसे हुए नुकसान की भरपाई नहीं होती, तब तक जंग जारी रहेगी.
डोनाल्ड ट्रंप ने लिया यूटर्न
अब डोनाल्ड ट्रंप ने फिर से अपने बातों से यूटर्न ले लिया है। हालांकि यह पहली बार नही है कि ट्रंप ने ऐसा किया हो। ट्रंप ने 48 घंटों के अंदर ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने का अल्टीमेटम दिया था, नहीं तो ईरान के बिजलीघरों को “पूरी तरह से नष्ट” करने की धमकी दी थी. हालांकि समयसीमा खत्म होने के पहले ही ट्रंप ने यूटर्न ले लिया.
फार्स न्यूज एजेंसी ने अमेरिका और इजरायल पर ईरान के अंदर मध्य इस्फहान में एक ही सड़क पर एक गैस प्रशासन भवन और एक गैस दबाव कम करने वाले स्टेशन पर हमला करने का आरोप लगाया है. फार्स के अनुसार हमले से इन सुविधाओं के कुछ हिस्सों के साथ-साथ आस-पास के घरों को भी नुकसान हुआ है. फार्स ने कहा है कि “रिपोर्टें सामने आई हैं” कि पश्चिमी ईरान में खोर्रमशहर बिजली संयंत्र को आपूर्ति करने वाली गैस पाइपलाइन को भी निशाना बनाया गया है.


