पिछले हफ़्ते जी-7 समिट में पत्रकारों से बात करते हुए भी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू की तीखी आलोचना की और कहा कि इसराइल के लेबनान में किए गए हमले ग़ैर-ज़रूरी थे. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ अपने संबंधों को लेकर एक बार फिर बयान दिया है. ट्रंप ने कहा कि नेतन्याहू और उनके बीच मजबूत संबंध हैं, लेकिन उन्होंने यह भी संकेत दिया कि कई बार उन्हें नेतन्याहू को थोड़ा संतुलित रखना पड़ता है. ट्रंप ने कहा कि उन्हें नेतन्याहू को ‘थोड़ा समझदारी से काम लेने’ के लिए टोकना पड़ता है.
ट्रंप के इन बयानों के बाद पहली बार प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने ट्रंप से अपने संबंधों को लेकर सार्वजनिक तौर पर बयान दिया यरूशलम में जेएनएस समिट को संबोधित करते हुए उन्होने कहा, “अमेरिका में लोग कहते हैं कि राष्ट्रपति ट्रंप वह सब करते हैं, जो मैं उनसे कहता हूं. वहीं इसराइल में लोग समझते हैं कि मैं वह सब करता हूं, जो ट्रंप चाहते हैं. लेकिन इनमें से कोई भी बात सही नहीं है.”
“हम आज़ाद और गौरवशाली देशों के नेता हैं. कभी-कभी हमारी राय एक-दूसरे से अलग होती है. हम अपने हितों के लिए खड़े होते हैं. मैं इसराइल के हितों और उसकी सुरक्षा के लिए खड़ा हूं.
“अक्सर हमारी सोच एक जैसी होती है. लेकिन कभी-कभी ऐसा नहीं भी होता है. हम एक-दूसरे की संप्रभुता, नेतृत्व और अपने लोगों के प्रति प्रतिबद्धता का सम्मान करते हैं.”
नेतन्याहू ने लेबनान से सेना हटाने से इंकार किया।


