उत्तर प्रदेश  विकास की ओर लगातार बढ़ रहा है,  यूपी में बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर तेजी से काम हो रहा है। करीब 750 किलोमीटर लंबे  शामली-गोरखपुर ग्रीनफील्ड  एक्सप्रेसवे को उत्तर प्रदेश की तस्वीर बदलने वाला प्रोजेक्ट माना जा रहा है। शामली-गोरखपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है

इस एक्सप्रेसवे के बनने से पश्चिमी, मध्य और पूर्वी उत्तर प्रदेश सीधे हाई स्पीड सड़क नेटवर्क से जुड़ जाएंगे। उत्तर प्रदेश में गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे का विस्तार राज्य की कनेक्टिविटी को नई रफ्तार देने जा रहा है। यह एक्सप्रेसवे शामली में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा, जिससे दिल्ली और उत्तराखंड की यात्रा आसान होगी। साथ ही अंबाला-शामली एक्सप्रेसवे के जरिए हरियाणा से आने वाला ट्रैफिक सीधे यूपी के उत्तरी हिस्से तक पहुंचेगा। गोरखपुर में यह लिंक एक्सप्रेसवे के माध्यम से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से कनेक्ट होगा। इसके पश्चिमी छोर को दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे के फीडर से जोड़ने की योजना है। वहीं, भविष्य में इसे कुशीनगर और बिहार बॉर्डर तक बढ़ाने का प्रस्ताव भी तैयार किया जा रहा है।

 

इस एक्सप्रेसवे के बनने से यात्रा का समय कम होगा और व्यापार, उद्योग तथा रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। अब जमीन चिन्हित करने का काम शुरू हो चुका है। जमीन की कीमतों में अचानक बढ़ोतरी रोकने के लिए शामली जिले में जमीन की खरीद-फरोख्त पर रोक लगा दी गई है। सरकार चाहती है कि भूमि अधिग्रहण बिना किसी रुकावट के पूरा हो सके

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी नेशनल हाइवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) इस परियोजना का निर्माण करेगा। यह एक्सप्रेसवे यूपी के 22 जिलों और 37 तहसीलों से होकर गुजरेगा। NHAI ने पहले एक्सप्रेसवे के बीच आने वाले गांवों को चिन्हित किया और अब गांवों में उन खेतों को चिन्हित किया जा रहा है, जहां से होकर ये हाई स्पीड एक्सप्रेस-वे गुजरेगा.

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