महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश से होगी शुरुआत, लड़कियों को डिजिटल शिक्षा, वित्तीय जानकारी और रोजगार के अवसरों के बारे में मिलेगा प्रशिक्षण
रिलायंस फाउंडेशन और एस्टी लॉडर कंपनीज चैरिटेबल फाउंडेशन ने भारत की 10 लाख लड़कियों और युवतियों को सशक्त बनाने के लिए बहुवर्षीय साझेदारी शुरू की है। इस पहल का उद्देश्य 14 से 20 वर्ष की लड़कियों को जरूरी कौशल देकर आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें अपने भविष्य से जुड़े फैसले लेने में सक्षम बनाना है।
महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश से शुरू होगा कार्यक्रम
इस कार्यक्रम की शुरुआत महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में होगी। आगे इसे देश के दूसरे हिस्सों में भी बढ़ाने की योजना है। दो साल तक चलने वाली इस पहल में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की लड़कियों को व्यक्तिगत और डिजिटल माध्यमों से प्रशिक्षण दिया जाएगा। स्थानीय स्तर पर काम करने वाले संगठनों की भी इसमें मदद ली जाएगी।
डिजिटल और वित्तीय जानकारी पर रहेगा जोर
कार्यक्रम के तहत लड़कियों को आत्मविश्वास बढ़ाने, सही फैसले लेने, नेतृत्व क्षमता विकसित करने और रोजमर्रा की चुनौतियों का सामना करने का प्रशिक्षण मिलेगा। इसके साथ ही उन्हें डिजिटल उपकरणों और वित्तीय सेवाओं का सुरक्षित इस्तेमाल करना सिखाया जाएगा।
लड़कियों को आगे की पढ़ाई, कौशल प्रशिक्षण, नौकरी और अपना कारोबार शुरू करने जैसे अवसरों की जानकारी भी दी जाएगी, ताकि वे अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार भविष्य का रास्ता चुन सकें।
ईशा अंबानी ने बताया साझेदारी का महत्व
रिलायंस फाउंडेशन की निदेशक ईशा अंबानी ने कहा कि हर लड़की को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का अवसर मिलना चाहिए। इस साझेदारी के माध्यम से लड़कियों को अपनी क्षमता पहचानने और आगे बढ़ने के लिए जरूरी कौशल उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
एस्टी लॉडर कंपनीज के सीईओ स्टेफेन डी ला फेवरिए ने कहा कि लड़कियों को जरूरी कौशल और अवसर देकर आधुनिक रोजगार क्षेत्र में उनकी भागीदारी बढ़ाई जा सकती है।
इस पहल में गैर-लाभकारी संस्था गर्ल इफेक्ट पाठ्यक्रम और अध्ययन सामग्री तैयार करने में सहयोग करेगी। दोनों संस्थाओं का लक्ष्य शिक्षा, कौशल और अवसरों के माध्यम से लड़कियों को मजबूत भविष्य बनाने में मदद करना है।


