राम मंदिर दान प्रकरण को लेकर पहले से ही राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज है। अयोध्या राम मंदिर से जुड़े जमीन वि/वाद के मामले में AAP के राज्यसभा सांसद और उत्तर प्रदेश के प्रभारी संजय सिंह आज लखनऊ पहुंचे हैं. उन्होने कहा SIT अध्यक्ष ने स्वयं उनसे संपर्क कर जांच में सहयोग के लिए बुलाया है। वह अपने पास उपलब्ध सभी तथ्यों को जांच टीम के समक्ष रखा और जांच प्रक्रिया में पूरा सहयोग करेंगे।
अयोध्या श्रीराम मंदिर दान प्रकरण की जांच कर रही विशेष जांच दल (SIT) के सामने आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह पेश हुए और उन्होंने श्रीराम मंदिर जमीन घोटाले से संबंधित दस्तावेज सौंपा। लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत SIT के अध्यक्ष हैं।
संजय सिंह का दावा है कि उनके पास भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज और साक्ष्य थे। जिन्हें उन्होंने जांच टीम को सौंपा है। उनका कहना है कि इन दस्तावेजों से पूरे मामले में हुई गड़बड़ियों की परतें खुल सकती हैं। विजय विश्वास पंत ने मामले में आवश्यक कार्यवाही करने का आश्वासन दिया है। अब इन दस्तावेजों के आधार पर इस मामले में और भी तथ्य सामने आएगे।
संजय सिंह अपने साथ राम मंदिर ट्रस्ट की खरीदी गई एक दर्जन से ज्यादा संपत्तियों के जरूरी कागजात लेकर पहुंचे है. इन कागजातों के आधार पर वो जांच को आगे बढ़ाने की मांग करेंगे । संजय सिंह ने कहा कि किसी भी संवेदनशील मामले की निष्पक्ष जांच तभी संभव है, जब सभी पक्षों के पास मौजूद तथ्य और प्रमाण जांच एजेंसी तक पहुंचें। इसी उद्देश्य से वह स्वयं जांच टीम के सामने उपस्थित होकर अपना पक्ष और दस्तावेज प्रस्तुत किया।
संजय सिंह ने कहा कि एसआईटी अध्यक्ष ने स्वयं उनसे संपर्क कर जांच में सहयोग के लिए बुलाया। उन्होंने कहा कि वह अपने पास उपलब्ध सभी तथ्यों को जांच टीम के समक्ष रखा और जांच प्रक्रिया में पूरा सहयोग करेंगे। संजय सिंह द्वारा एसआईटी को दस्तावेज सौंपे जाने के बाद जांच की दिशा और संभावित निष्कर्षों पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।


