लोकसभा में नेता विपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी अंडमान निकोबार द्वीप समूह के दौरे पर है। इस दौरान राहुल गांधी ने कैंपबेल बे स्थित श्री सिंह सभा गुरुद्वारा में मत्था टेका। उन्होंने गुरुद्वारे में अरदास की। राहुल गांधी का अंडमान निकोबार द्वीप समूह का दौरा रणनीतिक और सामाजिक महत्व के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
राहुल गांधी ने अपने ग्रेट निकोबार द्वीप की यात्रा के दौरान स्थानीय आदिवासी नेताओं और निकोबारी समुदाय के लोगों से मुलाकात की। मुलाकात के दौरान कई लोगों ने उनसे शिकायत की कि सरकार उनकी बात नहीं सुन रही और इस प्रोजेक्ट से उन्हें काफी परेशानी हो सकती है।
उन्होंने ग्रेट निकोबार द्वीप के कैंपबेल बे दौरे के बाद ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए, उन्होने कहा कि 160 वर्ग किमी जंगल कटने से आदिवासी विरासत खतरे में है। इसे उन्होंने विकास के नाम पर विनाश बताया और स्थानीय लोगों के अधिकारों की अनदेखी का आरोप लगाया। यह विकास नहीं है। यह तो विकास की भाषा में छिपा हुआ विनाश है।
इसलिए मैं साफ-साफ कहूँगा, और बार-बार कहूँगा, ग्रेट निकोबार में जो कुछ हो रहा है, वह हमारे जीवनकाल में इस देश की प्राकृतिक और आदिवासी विरासत के खिलाफ सबसे बड़े घोटालों और सबसे गंभीर अपराधों में से एक है।इसे रोका जाना चाहिए। और इसे रोका जा सकता है – अगर भारत के लोग भी वह देख लें जो मैंने देखा है।
ये मेरी ज़िंदगी के सबसे असाधारण जंगल हैं। ऐसे पेड़ जो हमारी यादों से भी पुराने हैं। ऐसे जंगल जिन्हें उगने में कई पीढ़ियाँ लग गईं। इस द्वीप के लोग भी उतने ही सुंदर हैं – यहाँ के आदिवासी समुदाय भी और यहाँ आकर बसे लोग भी – लेकिन उनसे वह सब छीना जा रहा है जिस पर उनका हक है।


