दिपावली पूरे देश में जोर शोर के मनाया गया दियो के साथ ही पटाखों ने अपना खूब रंग बिखेरा । इस दौरान लोगों ने खूब आति/शबा/जी की । पंजाब के लोगों ने सोमवार रात 8 बजें के बाद इतना पटाखा छूड़ाया की हवा में घुला धुआं प्रदेश के कई शहरों को दम/घोंटू बना गया। पंजाब में लगातार पराली ज/लने के कारण वायु प्रदूषण का स्तर पहले ही बढ़ा हुआ था। दिवाली की रात आतिशबाजी से ये ख/तर/नाक स्तर पर पहुंच गया है। राज्य के पयार्वरण निगरानी केंद्रों के अनुसार रात 8 बजें तक AQ1 ..114 दर्ज किया गया था जो 9 बजें 153 और 10बजें के बाद 309 हो गया । रात 11 बजें तक यह 325 और आधी रात तक कई स्थानों पर 500 तक पहुंच गया जो बहुत ही खत/रना/क श्रेणी मे आता है। वहीं लुधियाना, जालंधर, अमृतसर और रोपड़ का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) अधिकतम 500 दर्ज किया गया, जबकि पटियाला का एक्यूआई 486 तक पहुंच गया। मंडी गोबिंदगढ़ में यह स्तर 401 और खन्ना में 272 रहा
बतादें दिवाली की रात पंजाब के अधिकतर शहरों में वायु गुणवत्ता ख/तर/नाक स्तर तक पहुंच गई। आतिशबाजी और प्रदूषण के बढ़ते स्तर के कारण शाम 8 बजे से हवा ख/राब होनी शुरू हुई, जो रात 12 बजे तक गं/भीर श्रेणी में पहुंच गई।
400 से ऊपर का AQI खत/रना/कमाना जाता
पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार 400 से ऊपर का एक्यूआई ख/तर/नाक माना जाता है और यह सामान्य लोगों की सेहत को भी प्रभावित करता है, जबकि सांस, हृदय या फेफड़ों की बीमारियों से पीड़ित मरीजों के लिए यह स्थिति और अधिक घा/त/क साबित हो सकती है
विशेषज्ञों ने दी चे/ता/वनी
हालांकि मंगलवार सुबह एक्यूआई में कुछ सुधार देखने को मिला है। लुधियाना का एक्यूआई सुबह 7 बजे 268 दर्ज किया है, लेकिन इस भी पुअर श्रेणी में माना जाता है। वहीं विशेषज्ञों का कहना है कि आगे धान की कटाई के साथ पराली ज/ला/ने के मामले भी जोर पकड़ेंगे। अगर स्थिति पर नियंत्रण नहीं पाया गया तो आने वाले दिनों में पंजाब में दिल्ली-एनसीआर जैसे हालात पैदा हो सकते हैं वही अब सर्दियों का मौसम भी शुरू होन रहा है इसके साथ भी एक्यूआई का स्तर बढ़ना शुरू हो जाता है। राज्य के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार प्रदूषण का यह स्तर मुख्य रूप से आति/शबा/जी और पराली ज/ला/ने के कारण गंभीर श्रेणी तक पहुंचा है