पंजाब सरकार ने किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए भारतीय किसान यूनियन (एकता उगराहां) के साथ बैठक की। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देश पर मंत्रियों हरपाल सिंह चीमा, अमन अरोड़ा और गुरमीत सिंह खुड्डियां ने किसान नेताओं के साथ उनकी मांगों पर चर्चा की।

वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि बैठक में कई मुद्दों पर सहमति बनी है। फसल खराब होने से प्रभावित किसानों के मुआवजे के लिए सरकार ने 750 करोड़ रुपये रखे हैं और राशि बांटने की प्रक्रिया जारी है। सहमत मांगों पर एक से दो महीने में कार्रवाई करने का समय तय किया गया है।

किसान आंदोलन के दौरान दर्ज एफआईआर का मुद्दा भी उठा। चीमा ने कहा कि कई मामले पहले ही रद्द किए जा चुके हैं, जबकि अदालतों में लंबित करीब 13 से 16 मामलों को कानूनी प्रक्रिया के जरिए वापस लेने का प्रयास किया जाएगा।बैठक में ठेके पर जमीन लेकर खेती करने वाले किसानों के मुआवजे और लंबे समय से जमीन जोत रहे किसानों के अधिकारों पर भी चर्चा हुई।

चीमा ने कहा कि केंद्र सरकार से जुड़े किसानों के लंबित मुद्दों को पंजाब विधानसभा में उठाया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार किसानों के हितों और उनकी आजीविका की रक्षा के लिए काम करती रहेगी।

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