पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने मंगलवार को राज्य की स्कूली शिक्षा का साढ़े चार साल का रिपोर्ट कार्ड पेश किया। उन्होंने दावा किया कि भगवंत मान सरकार के कार्यकाल में सरकारी स्कूलों की सुविधाओं और पढ़ाई के स्तर में बड़ा सुधार हुआ है। सरकार ने स्कूल इंफ्रास्ट्रक्चर पर करीब 2,300 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।

9,000 से ज्यादा क्लासरूम और लैब तैयार
बैंस के अनुसार, राज्य में 9,000 से अधिक नए क्लासरूम और लैब बनाए गए हैं। 13,920 नए शौचालय और करीब 2 लाख डेस्क उपलब्ध कराए गए हैं। 10,000 से ज्यादा इंटरएक्टिव पैनल लगाए गए हैं और 5,012 स्कूलों में आधुनिक कंप्यूटर लैब तैयार की गई हैं। सभी सरकारी स्कूलों में वाई-फाई और 99.9 प्रतिशत स्कूलों में चारदीवारी होने का भी दावा किया गया।

सरकारी स्कूलों पर बढ़ा भरोसा
मंत्री ने कहा कि 2022 के बाद 3.64 लाख विद्यार्थी निजी स्कूलों से सरकारी स्कूलों में आए हैं। वहीं पिछले चार वर्षों में सरकारी स्कूलों के 786 विद्यार्थियों ने JEE और 2,166 ने NEET में सफलता हासिल की। NEET-UG में सरकारी स्कूलों के सफल विद्यार्थियों की संख्या 2021 के 80 से बढ़कर 2026 में 882 हो गई।

AI और स्किल एजुकेशन पर जोर
बैंस ने बताया कि पंजाब में कक्षा पहली से 12वीं तक AI को मुख्य विषय के रूप में शुरू किया गया है। इसके अलावा 40 स्किल एजुकेशन स्कूल खोले गए हैं। उन्होंने दावा किया कि NITI Aayog की 2026-27 रिपोर्ट में पंजाब ने स्कूल शिक्षा में केरल को पीछे छोड़कर शीर्ष स्थान हासिल किया है।

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