पंजाब में संपत्ति की रजिस्ट्री कराने की प्रक्रिया अब पहले के मुकाबले ज्यादा आसान और पारदर्शी हो गई है। ईजी रजिस्ट्री सिस्टम को शुरू हुए 14 महीने पूरे हो चुके हैं और इस दौरान करीब 10 लाख दस्तावेजों का पंजीकरण किया जा चुका है।
राजस्व मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने कहा कि नई व्यवस्था ने लंबी कतारों और बिचौलियों पर निर्भरता को कम किया है। अब लोगों को ऑनलाइन सेवाओं, तय समय पर जांच और डिजिटल प्रक्रिया का लाभ मिल रहा है।
सरकार के अनुसार, 93 प्रतिशत लाभार्थियों ने नई रजिस्ट्री व्यवस्था पर संतोष जताया है, जबकि 93 प्रतिशत लोगों की रजिस्ट्री अपॉइंटमेंट वाले दिन ही पूरी हो गई। करीब 90 प्रतिशत आवेदकों ने बताया कि उन्हें प्रक्रिया के किसी भी चरण में कोई परेशानी नहीं हुई।
सर्वे में 94 प्रतिशत लोगों ने कहा कि उनसे अतिरिक्त भुगतान के लिए कोई दबाव नहीं बनाया गया। वहीं, 93 प्रतिशत मामलों की प्री-स्क्रूटिनी बिना किसी आपत्ति के पूरी हो गई।
मुंडियां ने कहा कि सरकार का उद्देश्य संपत्ति पंजीकरण की प्रक्रिया को तेज, सरल और पूरी तरह पारदर्शी बनाना है। डिजिटल व्यवस्था से लोगों का समय बच रहा है और उन्हें अपनी रजिस्ट्री के लिए बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं।


