चंडीगढ़, 2 अप्रैल- हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से पंजाब की आढ़ती एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने चंडीगढ़ स्थित संत कबीर कुटीर आवास पर बुधवार देर शाम मुलाकात की । इस दौरान पंजाब के आढ़तियों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि पंजाब में लगभग 40 हजार आढ़ती, करीब सवा लाख मुनीम तथा 6-7 लाख श्रमिक इस व्यवस्था से जुड़े हुए हैं। वर्तमान में आढ़तियों के समक्ष आ रही दिक्कतों के चलते पंजाब में आढ़तियों की हड़ताल चल रही है, जिससे व्यापारिक गतिविधियों के साथ-साथ लाखों परिवारों की आजीविका प्रभावित हो रही है। सरकार से वार्ता हुई, लेकिन कोई हल नहीं हुआ। फसल खरीद के इस सीजन में आढ़ती वर्ग के साथ साथ लेबर तबका और किसान भी परेशान हैं।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस विषय पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वह स्वयं कई बार पंजाब का दौरा कर चुके हैं और वहां हर वर्ग चाहे किसान हो, व्यापारी हो या श्रमिक परेशान नजर आता है। समस्याओं के हल की तरफ वहां की आप पार्टी की सरकार कुछ नहीं कर रही। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार की नीतियों ने पंजाब की आर्थिक स्थिति को कमजोर कर दिया है और प्रदेश को “कंगाल” बनाने का काम किया है। उन्होंने पंजाब सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अभी भी समय है, पंजाब को वहां की जनता संभाल लें। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा ही वहां ऐसी सरकार दे सकती है जो किसानों, आढ़तियों और व्यापारियों का भला कर सके।
मुख्यमंत्री ने हरियाणा का उदाहरण देते हुए कहा कि राज्य में किसानों की सभी फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद की जा रही है, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिल रहा है। साथ ही आढ़तियों के कमीशन को भी समय-समय पर बढ़ाया गया है, ताकि उनकी आय और सम्मान दोनों सुरक्षित रहें। मुख्यमंत्री ने बताया कि हरियाणा में गेहूं पर आढ़तियों को 55 रुपए प्रति क्विंटल का कमीशन दिया है जो कि पंजाब से 9 रुपए अधिक है ।


