चंडीगढ़; 17 अप्रैल 2026: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब कैबिनेट ने एक नागरिक केंद्रित नीति को मंज़ूरी दी है। इस नीति के तहत ज़मीन मालिकों को नदियों, ‘बरसाती नालों और नालियों की गाद निकालने का काम अपने खर्च पर करने की अनुमति दी गई है, साथ ही उन्हें खुदाई से निकले मलबे का इस्तेमाल मुफ़्त में करने का अधिकार भी दिया गया है। इस कदम का उद्देश्य मॉनसून से पहले बाढ़ से निपटने की तैयारियों को मज़बूत करना और नदियों के उन हिस्सों में जल प्रवाह को बेहतर बनाना है जो बाढ़ की दृष्टि से संवेदनशील हैं।
इस बारे में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया: “मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब कैबिनेट ने एक बड़ा नागरिक-केंद्रित फ़ैसला लेते हुए ज़मीन मालिकों को नदियों नालियों—जिनमें सतलुज, ब्यास और सिसवां नदियाँ भी शामिल हैं—की गाद निकालने का काम करने की अनुमति दे दी है। यह फ़ैसला मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में लिया गया।”
कैबिनेट ने एक ऐसी नीति को भी मंज़ूरी दी है जिसके तहत संबंधित ज़मीन मालिकों को नदियों और नालियों जिनमें सतलुज, ब्यास और सिसवां नदियाँ शामिल हैं और खुदाई से निकले मलबे का इस्तेमाल अपने निजी उपयोग के लिए मुफ़्त में करने की अनुमति दी गई है। प्रवक्ता ने आगे बताया कि इस पहल से महत्वपूर्ण हिस्सों में गाद निकालने का काम तेज़ी से हो पाएगा, नदियों/नालों की जल-वहन क्षमता बढ़ेगी और बाढ़ का खतरा काफी कम हो जाएगा, जिससे सार्वजनिक और निजी संपत्ति सुरक्षित रहेगी।


