अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर के दौरान दोनो देशों के बीच हमलें भी हुए जिसमें ईरान के द्वीपों पर अमेरिकी ने  हमला किया वही इस हमले को लेकर अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया कि उसने ईरान के गोरुक शहर और केश्म द्वीप पर आत्मरक्षा में हमले किए है। पिछले हफ्ते ईरान ने अमेरिकी एमक्यू-1 ड्रोन को मा/र गिराया था वही अमेरिका और ईरान के बीज प्रस्तावित समझौते पर अभी बात टिकी हुई है । ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अमेरिका के साथ सीजफायर की शर्तों में लेबनान शामिल है। उस पर हमला पूरे समझौते का उल्लंघन माना जाएगा।

मंगलवार को फ्रांस के विदेश मंत्री बारो ने कहा कि लेबनानी क्षेत्र में इजराइल की सैन्य कार्रवाई और उसकी निरंतर मौजूदगी का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने कहा, “कुछ भी ऐसा नहीं है जो सैन्य अभियानों की निरंतरता और लेबनान के भीतर इजराइल के लंबे समय तक बने रहने को सही ठहरा सके।”

ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी मेहर के अनुसार ईरान अमेरिका के साथ संभावित MoU के अंतिम मसौदे की समीक्षा कर रहा है और अभी तक उसने कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं भेजी है। यह जानकारी मंगलवार को ने वार्ता से जुड़े एक सूत्र के हवाले से दी।

लेबनान पर हमले के बाद ईरान ने सोमवार को चेतावनी दी थी कि अगर इजराइली कार्रवाई जारी रही तो वह अमेरिका के साथ चल रही बातचीत छोड़ सकता है। इससे नाराज ट्रम्प ने नेतन्याहू को फोन किया, अमेरिका में ट्रम्प ने सोमवार को इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बात करते हुए लेबनान में इजराइली सैन्य कार्रवाई पर कड़ी नाराजगी जताई। एक्सियोस की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रम्प ने गुस्से में नेतन्याहू को ‘पागल’ कह दिया और उन पर एहसान न मानने का आरोप लगाया।

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