पंजाब यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस में मंगलवार को एक द/र्द/नाक हा/दसे में माइक्रोबायोलॉजी विभाग की पीएचडी छात्रा ज्योति की करंट लगने से मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे विश्वविद्यालय में शोक का माहौल है। वहीं, छात्रों में भारी नाराजगी देखने को मिली और उन्होंने प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया।

कैसे हुआ हादसा?

जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह बारिश के कारण साउथ कैंपस के एक हिस्से में पानी भर गया था। इसी दौरान ज्योति वहां से गुजर रही थीं। बताया जा रहा है कि पानी में बिजली का करंट उतर आया, जिसकी चपेट में आने से वह गंभीर रूप से घायल हो गईं।

मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत उन्हें अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृ/त घोषित कर दिया। इस घटना की खबर फैलते ही छात्र बड़ी संख्या में कैंपस में जुट गए।

छात्रों ने प्रशासन पर लगाए लापरवाही के आरोप

हा/दसे के बाद छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि कैंपस में जलभराव और बिजली व्यवस्था की खराब स्थिति को लेकर पहले भी कई बार शिकायतें की गई थीं, लेकिन समय रहते कोई कार्रवाई नहीं की गई।

प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने इस हादसे के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। कई छात्र संगठनों ने कुलपति और संबंधित अधिकारियों के इस्तीफे की भी मांग उठाई।

पुलिस ने शुरू की जांच

घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि पानी में करंट कैसे फैला और हादसे के लिए आखिर कौन जिम्मेदार है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी जांच में पूरा सहयोग देने की बात कही है।

परिवार के लिए मुआवजे का ऐलान

पंजाब यूनिवर्सिटी ने मृ/तक छात्रा के परिवार को 16 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। इसके अलावा, उनके आईटीआई प्रशिक्षित भाई को विश्वविद्यालय में नौकरी देने का भी फैसला लिया गया है।

हालांकि, परिवार और छात्र संगठनों का कहना है कि केवल आर्थिक सहायता देना पर्याप्त नहीं है। उनका कहना है कि इस हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी और छात्र को अपनी जान न गंवानी पड़े।

जांच रिपोर्ट का इंतजार

फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है। पुलिस और संबंधित विभागों की रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि हादसे की असली वजह क्या थी और इसमें किसकी लापरवाही सामने आती है। पूरे मामले पर अब छात्रों, परिवार और आम लोगों की नजर जांच के नतीजों पर टिकी हुई है।

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