चंडीगढ़, 22 जुलाई: हाल ही में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए तीव्र सैन्य टकराव के बाद अब दोनों देशों के बीच तनाव एक बार फिर ‘शैडो बॉक्सिंग’ यानी छद्म रणनीतिक युद्धाभ्यास के रूप में उभर रहा है। सीमा के दोनों ओर एयरस्पेस रिजर्व किए जा रहे हैं, ताकि वायुसेनाएं हवाई युद्धाभ्यास कर सकें और एक-दूसरे को कड़ा संदेश दे सकें।
🔻 शैडो बॉक्सिंग: ऐसी स्थिति जहां वास्तविक युद्ध नहीं होता, लेकिन दोनों पक्ष अपनी सैन्य क्षमताएं दिखा कर तनाव बनाए रखते हैं।
भारतीय वायुसेना की तैयारी
भारतीय वायुसेना की दक्षिण-पश्चिमी एयर कमान ने 23 से 25 जुलाई के बीच राजस्थान-गुजरात के अंतरराष्ट्रीय सीमा क्षेत्र में हवाई युद्धाभ्यास (Air Combat Drill) की घोषणा की है। इसके लिए NOTAM (Notice to Airmen) जारी किया गया है।
इन युद्धाभ्यासों में शामिल हो सकते हैं:
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Su-30MKI, राफेल, और मिराज-2000 जैसे आधुनिक फाइटर जेट
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ब्रह्मोस, स्कैल्प, क्रिस्टल मेज़-2 जैसी मिसाइलों का सटीक उपयोग
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सघन रडार और निगरानी संचालन
पाकिस्तान की प्रतिक्रिया
पाकिस्तान ने भी जवाबी रणनीति के तहत:
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मध्य क्षेत्र में 23 जुलाई तक
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दक्षिणी क्षेत्र में 22-23 जुलाई के लिए
अपने एयरस्पेस में प्रतिबंध लगाते हुए NOTAM जारी किया है, जो दर्शाता है कि वह भी अपनी वायुसेना को सक्रिय बनाए हुए है।
ऑपरेशन सिंदूर: हालिया संघर्ष की पृष्ठभूमि
इस साल मई में भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत एक साहसिक सैन्य कार्रवाई में:
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PoK और पाकिस्तान में 4 आतंकवादी कैंप और 5 आतंकी ठिकानों पर सटीक हमला किया
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यह हमला सर्जिकल स्ट्राइक नहीं, बल्कि एक एयर-स्पेस-ड्रिवन प्रिसिजन ऑपरेशन था
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इसके बाद पाकिस्तान ने जवाबी ड्रोन और मिसाइल हमले शुरू किए, जिसमें भारतीय सैन्य और नागरिक ठिकानों को निशाना बनाया गया
भारत का कड़ा जवाब
भारतीय वायुसेना ने पलटवार में:
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पाकिस्तान के 9 एयरबेस और 3 रडार साइट्स को निशाना बनाया
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इनमें कुछ परमाणु प्रतिष्ठानों और कमांड कंट्रोल ठिकानों के करीब थे
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Su-30MKI, राफेल, मिराज-2000 जैसे फाइटर जेट्स ने किया हमला
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ब्रह्मोस, स्कैल्प, रैम्पेज, क्रिस्टल मेज़-2 जैसी मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया
🎯 हर हमले में सटीक निशाना, सीमित नुकसान और स्पष्ट रणनीतिक संदेश देने पर जोर
मौजूदा हालात: तनाव बरकरार, भरोसा नहीं
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डिप्लोमैटिक साइलेंस के बावजूद सैन्य गतिविधियां तेज़
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सीमाओं के पास एयरस्पेस बंद करना और सैन्य अभ्यास करना दर्शाता है कि दोनों देश अब भी एक-दूसरे को लेकर सतर्क और सशंकित हैं
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शैडो बॉक्सिंग से स्पष्ट है कि भले ही खुला युद्ध न हो, पर रणनीतिक मोर्चे पर मनोवैज्ञानिक दबाव और शक्ति प्रदर्शन जारी है


