चंडीगढ़, 19 जून: जयपुर शहर के शांत माहौल को एक बड़ी और डरावनी घटना ने झकझोर कर रख दिया। वीकेआई रोड नंबर 17 पर स्थित करणी विहार कॉलोनी में एक प्लास्टिक पाइप फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई। फैक्ट्री की लोकेशन रिहायशी इलाके के बीचों-बीच थी, जिस कारण आस-पास के लोगों में दहशत फैल गई और कॉलोनी में अफरा-तफरी मच गई।

इस फैक्ट्री का नाम “शुभ महालक्ष्मी पोली पाइप” है, जिसका संचालन कपिल अग्रवाल कर रहे थे। यहां पर मुख्य रूप से काले रंग के प्लास्टिक पाइप बनाए जाते थे। लेकिन फैक्ट्री किस तरह से एक आवासीय कॉलोनी में चल रही थी, यह अपने-आप में एक बड़ा सवाल बन गया है।

सुबह 11:20 बजे मिली आग की खबर, तुरंत मौके पर पहुंची दमकल टीमें

जयपुर फायर कंट्रोल रूम को सुबह 11:20 बजे सूचना मिली कि करणी विहार क्षेत्र में किसी फैक्ट्री से धुआं और आग की लपटें उठ रही हैं। इसके बाद फौरन दमकल की गाड़ियाँ रवाना की गईं। स्थिति को गंभीर मानते हुए वीकेआई फायर स्टेशन से भी अतिरिक्त दमकल वाहन बुलाए गए।

करीब दो घंटे की कड़ी मेहनत और रणनीतिक प्रयासों के बाद आग पर नियंत्रण पाया जा सका। हालांकि फैक्ट्री का एक बड़ा हिस्सा जलकर खाक हो गया, लेकिन कोई जनहानि नहीं हुई, यही सबसे बड़ी राहत की बात रही।

7 घरेलू गैस सिलेंडर निकाले गए सुरक्षित, बड़ा विस्फोट टला

फायर ब्रिगेड की टीम ने बताया कि फैक्ट्री परिसर में 7 घरेलू एलपीजी सिलेंडर रखे हुए थे। अगर ये सिलेंडर आग की चपेट में आ जाते, तो एक भयंकर विस्फोट हो सकता था, जिससे पूरे कॉलोनी को नुकसान पहुँच सकता था। लेकिन वक्त रहते इन सिलेंडरों को बाहर निकाल लिया गया और एक बड़ा हादसा टल गया।

अग्निशमन अधिकारी भंवरसिंह हाड़ा ने बताया कि तेजी से काम करते हुए पहले इलाके को खाली कराया गया और फिर आग पर काबू पाने का काम शुरू हुआ। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि आसमान तक धुआं फैल गया था।

आवासीय कॉलोनी में चल रही फैक्ट्री, नियमों की उड़ रही थीं धज्जियां

इस हादसे ने स्थानीय प्रशासन और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। यह फैक्ट्री एक आवासीय क्षेत्र में अवैध रूप से चल रही थी। आसपास के लोग अब सवाल पूछ रहे हैं कि कैसे एक खतरनाक और ज्वलनशील सामग्री से भरी फैक्ट्री को लोगों के घरों के पास चलने दिया गया?

स्थानीय निवासियों ने बताया कि कई बार धुएं की बदबू और पाइप जलने की गंध आती थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। अब जब आग लग गई, तब जाकर मामले की गंभीरता सामने आई है।

पुलिस और प्रशासन मौके पर मौजूद, जांच जारी

घटना के तुरंत बाद पुलिस, फायर डिपार्टमेंट और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। आग बुझाने के बाद फैक्ट्री के मलबे और दस्तावेजों की जांच शुरू हो गई है। फिलहाल आग लगने के कारणों की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट या केमिकल रिएक्शन की आशंका जताई जा रही है।

स्थानीय लोगों की नाराजगी, सुरक्षा को लेकर उठे सवाल

कॉलोनी के रहवासियों में इस हादसे को लेकर गहरा आक्रोश है। उनका कहना है कि फैक्ट्री मालिकों ने लालच में नियमों को ताक पर रख दिया और प्रशासन ने आंखें मूंदे रखीं। लोगों की मांग है कि ऐसे सभी अवैध उद्योगिक इकाइयों की तुरंत जांच और बंदी की जाए ताकि भविष्य में कोई बड़ा नुकसान न हो।

 

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