चंडीगढ़, 29 जून। पूर्व वित्त मंत्री एवं इंडियन नेशनल लोकदल के राष्ट्रीय संरक्षक प्रो. संपत सिंह ने सोमवार को चंडीगढ़ स्थित पार्टी मुख्यालय पर प्रेस वार्ता कर कहा कि इनेलो हमेशा हरियाणा के जल अधिकारों की रक्षा के लिए लड़ाई लड़ता रहा है और राज्य के यमुना जल में उसके वैधानिक हिस्से पर किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं करेगा।

दिल्ली में आज बीजेपी ने जो हरियाणा और राजस्थान के बीच जल समझौता किया है इसका इनेलो पूरजोर विरोध करती है। दूसरी ओर, एस.वाई.एल. नहर का निर्माण भी सर्वोच्च न्यायालय के बार-बार निर्देशों के बावजूद अधूरा है, जिससे हरियाणा को लगातार जल संकट का सामना करना पड़ रहा है। बीजेपी औऱ कांग्रेस दोनों पार्टियां हरियाणा के पानी के मामले में एक हो चुकी हंै। कांग्रेस ने जैसे कुर्सी बचाने के लिए समझौता किया था उसी तर्ज पर आज बीजेपी सरकार ने राजस्थान को पानी देने का समझौता किया है। हरियाणा का पानी हरियाणा का है। इनेलो उसकी एक-एक बूंद की रक्षा के लिए लड़ती रहेगी।

उन्होंने कहा कि 12 मार्च, 1954 को तत्कालीन पंजाब और उत्तर प्रदेश के बीच हुए यमुना जल समझौते में पूर्वी एवं पश्चिमी यमुना नहर प्रणाली के माध्यम से पंजाब के अधिकार को मान्यता दी गई थी। वर्ष 1966 में हरियाणा के गठन के बाद यह अधिकार हरियाणा को प्राप्त हुआ। कई दशकों तक लगभग 12 बीसीएम यमुना जल का उपयोग हुआ, जिसमें हरियाणा लगभग 8 बीसीएम तथा उत्तर प्रदेश लगभग 4 बीसीएम जल का उपयोग करता रहा।

Related Posts