भारत पश्चिमी हिंद महासागर में चीन की गतिविधियों पर चौबीसों घंटे पैनी नजर रख सकता है। चीन ने जिबूती में अपना नौसैनिक अड्डा बनाया है। अजम्पशन आइलैंड पर भारत के मिलिट्री बेस बनने से ऐसा हो सकता है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सेशेल्स दौरे के दौरान अजम्पशन आईलैंड में भारत के मिलिट्री बेस बनाने पर एक बार फिर से चर्चा शुरू हो गई है। भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिस्री कहा कि ‘अगर सेशेल्स की सरकार इस बारे में बात करती है तो हम उस पर चर्चा करने के लिए तैयार हैं।’
भारतीय विदेश सचिव के इस बयान के बाद साफ है कि हिंद महासागर में भारत अपनी रणनीतिक ताकत को बढ़ाने के लिए एक बड़ा कदम उठा सकता है। सेशल्स के अजम्पशन आइलैंड पर भारतीय नौसैनिक बेस या कोस्टगार्ड फैसिलिटी को लेकर चर्चाएं एक बार फिर गर्म हैं। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने साफ किया है कि भारत इस परियोजना के लिए पूरी तरह तैयार है।
2024 में सेशेल्स के राष्ट्रपति जेम्स मिशेल ने बताया था कि ‘यह भारत और सेशेल्स के बीच एक संयुक्त प्रोजेक्ट है जिसमें हमारे पश्चिमी तट पर आपसी सुरक्षा को मजबूत करने के लिए हमारे दोनों देशों की रक्षा सेनाएं शामिल हैं। सेशेल्स इस प्रोजेक्ट के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।’


