पंजाब में केंद्र सरकार की योजनाओं का प्रचार करने के लिए लगाए जा रहे भाजपा के सुविधा कैंपों को लेकर बवाल खड़ा हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पंजाब इकाई के अध्यक्ष सुनील जाखड़ को पंजाब पुलिस ने हि/रासत में ले लिया है। सुनील जाखड़ फाजिल्का के रायपुर गांव में केंद्र सरकार की किसान सम्मान निधि योजना, आयुष्मान कार्ड योजना, राशन कार्ड योजना समेत अन्य योजनाओं के बारे में लोगों को जानकारी देने पहुंचे थे।  एसएसपी एस गुरमीत सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। जब कार्यकर्ताओं ने सड़क पर ही धरना शुरू कर दिया और हटने से इनकार कर दिया, तो पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज किया और सुनील जाखड़ सहित अन्य नेताओं को हिरासत में ले लिया। जानकारी के मुताबित भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुनील जाखड़ ने गुरुवार को ही ऐलान किया था कि वे बलुआन क्षेत्र के इस गांव में आएंगे। इसी क्रम में शुक्रवार को वे रायपुर गांव के लिए निकले थे। हालांकि, उन्हें अबोहर-डबवाली नेशनल हाईवे पर पुलिस ने रोक लिया। इससे गुस्साए भाजपा कार्यकर्ताओं ने धरना प्रदर्शन किया। बाद में पुलिस ने सुनील जाखड़ को हिरासत में ले लिया, सूत्रों के अनुसार, भाजपा नेता आज सुबह गांव रायपुरा में कैंप लगाने जा रहे थे। कल ही पुलिस ने इसी गांव से भाजपा जिला अध्यक्ष काका कंबोज और नेता वंदना सांगवान को डेटा चोरी (डेटा थेफ्ट) के आरोप में हिरासत में लिया था। उसी के विरोध में शुक्रवार को सैकड़ों कार्यकर्ता सुनील जाखड़ के नेतृत्व में दोबारा कैंप लगाने पहुंचे। इसको लेकर बीजेपी नेताओं का आरोप है कि सरकार केंद्र की योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाने से रोक रही है। वहीं, राज्य सरकार ने कहा है कि शिकायतें मिली थीं कि कुछ लोग खुद को राजनीतिक दल से जुड़ा बताकर सरकारी काम कराने के नाम पर लोगों से पैसा (कमीशन) वसूल रहे थे और उनसे आधार, वोटर कार्ड व अन्य निजी दस्तावेज एकत्र कर रहे थे। वहीं हिरासत में लिए जाने से पहले सुनील जाखड़ ने मीडिया से बात की। सुनील जाखड़ ने आम आदमी पार्टी पर लगायें आरोप- “आम आदमी पार्टी एक तानाशाह पार्टी है, जो केंद्र सरकार की नीतियों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए भाजपा के शिविरों को आयोजित करने से रोक रही है। जाखड़ ने कहा कि पंजाब में किसान सम्मान निधि योजना का लाभ लेने वाले लाभार्थियों की संख्या 2022 से पहले 22 लाख थी, जो अब 2024-25 में घटकर मात्र साढ़े आठ लाख रह गई है। उन्होंने आगे कहा, “मुझे गिरफ्तारी का डर नहीं है। हम गरीब, किसान और कमजोर वर्ग का हक मारने वाली सरकार के खिलाफ हैं।” डिप्टी कमिश्नर सागर सेतिया ने इस मामले की जांच के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की समिति गठित की है। सरकारी प्रवक्ता ने कहा कि नागरिकों को सतर्क रहने और अपनी निजी जानकारी किसी भी अनधिकृत व्यक्ति या एजेंसी को न सौंपने की सलाह दी गई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि सभी सरकारी कार्यों के लिए पंजाबभर में सेवा केंद्र पहले से मौजूद हैं। रिपोर्ट न्यूज पीडिया 24

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