चंडीगढ़, 11 जुलाई: हरियाणा सरकार पराली जलाने की समस्या को स्थायी समाधान देने और किसानों को पराली से लाभ कमाने का अवसर देने के लिए फसल अवशेष प्रबंधन (सी.आर.एम.) योजना के तहत बड़ा कदम उठा रही है। वर्ष 2025-26 के लिए राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) के अंतर्गत धान की पराली आपूर्ति श्रृंखला स्थापित करने के लिए सरकार 65 प्रतिशत तक अनुदान देने जा रही है।
इच्छुक आवेदक 15 जुलाई 2025 तक विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
किन्हें मिलेगा लाभ?
इस योजना के तहत पराली का प्रबंधन करने वाले निम्नलिखित पात्र लाभार्थी आवेदन कर सकते हैं:
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किसान
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किसानों के समूह
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सहकारी समितियाँ
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ग्राम पंचायतें
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पराली आधारित उद्योग
शर्त: ये सभी इकाइयाँ उस स्थान से 25 किलोमीटर के दायरे में हों, जहां पराली उत्पन्न होती है।
मुख्य पात्रता शर्तें
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आवेदक हरियाणा राज्य का निवासी होना चाहिए।
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उद्योग या इकाई हरियाणा में ही स्थापित होनी चाहिए।
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बैंक से वित्तीय सहायता की सैद्धांतिक स्वीकृति (Approval Letter) अनिवार्य है।
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प्रस्तावित प्रोजेक्ट की मशीनों की क्षमता 3000-4500 मीट्रिक टन प्रति सीजन होनी चाहिए।
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आवेदन के साथ प्रोजेक्ट रिपोर्ट व अन्य दस्तावेज भी आवश्यक होंगे।
दो विकल्पों में मिल सकती है अनुदान सहायता
पहला विकल्प:
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65% अनुदान — सरकार द्वारा
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25% खर्च — उद्योग द्वारा
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10% खर्च — एग्रीगेटर द्वारा
दूसरा विकल्प:
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65% अनुदान — सरकार द्वारा
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35% योगदान — एग्रीगेटर द्वारा
परियोजना लागत: ₹1 करोड़ से ₹5 करोड़ तक हो सकती है।
किन मशीनों पर मिलेगा अनुदान?
सहायक कृषि अभियंता श्री ओमप्रकाश महिवाल ने बताया कि योजना के तहत अनुदान पर निम्नलिखित उपकरण मिल सकते हैं:
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बेलर मशीन (200-500 किलोग्राम क्षमता)
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हे-रेक व टेडर मशीन
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टेली हैंडलर
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नमी मापक यंत्र
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वाटर टैंक व अग्निशमन यंत्र
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हैमर मिल
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रोटरी स्लेशर
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ट्रॉली, एक्सल, ट्रैक्टर आदि
पिछले साल के आवेदकों के लिए राहत
जिन आवेदकों ने 2024-25 में आवेदन किया था, उन्हें दोबारा आवेदन करने की जरूरत नहीं है। उनके पुराने आवेदन स्वतः ही विचाराधीन रहेंगे।
कहाँ करें संपर्क?
अधिक जानकारी के लिए किसान और इच्छुक आवेदक अपने स्थानीय सहायक कृषि अभियंता कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।


