नवरात्रि की धूम देशभर में देखने को मिलती हैं. भक्तों में एक अलग ही उत्साह दिखता है, इन दिनों जगह-जगह पर माता के पंडाल लगते हैं साथ ही घरों में भी माता दुर्गा के 9 स्वरूपों का पूजन किया जाता है. नवरात्रि में पांचवा दिन मां स्कन्दमाता का होता है. देवी स्कंदमाता को सफेद रंग अत्यंत पसंद है जो शांति और सुख का प्रतीक है. मां का यह स्वरूप भी शांति और सुख का अनुभव कराता है. माना जाता है कि मां स्कन्दमाता के पूजन से मोक्ष के द्वार भी खुल जाते हैं

 

मां के पूजा से दूर होतीं नकारात्मक शक्तियां

आध्यात्मिक गुरु के अनुसार ऐसी मान्यता है कि यह मां अपने भक्तों पर स्नेह लुटाती हैं। मां स्कंदमाता की पूजा-अर्चना करने से नका/रात्मक शक्तियां दूर होती हैं और कार्यों की वि/घ्न-बा/धा भी खत्म होती है।

 

मां स्कन्दमाता को किस चीज का भोग लगाएं

मां स्कंदमाता की आराधना के लिए नवरात्रि का पांचवां दिन समर्पित किया गया है. माता स्कंदमाता को केले का भोग लगाना विशेष फलदायी होता है इससे माता प्रसन्न होकर भक्तों को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करती हैं.

पीला रंग: मां स्कंदमाता को पीला रंग प्रिय है, इसलिए पीले रंग के वस्त्र पहनना शुभ माना जाता  है

 

 

मां स्कंदमाता का स्वरूप

मां की गोद में स्कंद देव विराजमान हैं। मां खुद कमल के आसन पर विराजमान हैं। इस कारण मां स्कंदमाता को पद्मासना देवी भी कहा जाता है। मां का वाहन सिंह है। मान्यता है कि मां भगवती के पंचम स्वरूप की उपासना करने से संतान से संबंधित परे/शा/नियां दूर होती हैं।

 

देवी स्कंदमाता का मंत्र

सिंहासनगता नित्यं पद्माश्रितकरद्वया । शुभदास्तु सदा देवी स्कन्दमाता यशस्विनी॥

 

ऐसे करें मां स्कंदमाता पूजा विधि

मां के पांचवे स्वरुप स्कंदमाता की पूजा के लिए आपको सबसे पहले उस स्थान पर माता की तस्वीर या मूर्ति स्थापित करनी होगी जहां आपने कलश स्थापना की है. इसके बाद आप माता को फूल चढ़ाएं और फिर फल और मिष्ठान का भोग लगाएं. धूप और घी का दीप जलाएं और फिर माता की आरती करें. इस तरह से पूजा करना बहुत ही शुभ माना गया है और इससे आपको माता का आशीर्वाद भी मिलेगा. रिपोर्ट न्यूज पीडिया24

 

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