हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि ‘हरियाणा विजन@2047’ के तहत राज्य में उद्योग, एमएसएमई और स्टार्टअप सेक्टर को नई गति देने के लिए कई बड़े कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश के हर जिले में स्टार्टअप्स को बढ़ावा दिया जाए और उद्यमियों को नया कारोबार शुरू करने में किसी प्रकार की प्रशासनिक बाधा न आए।

मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक में बताया कि ‘पद्मा’ योजना के तहत राज्य के 10 जिलों में नए औद्योगिक क्लस्टर स्थापित किए जाएंगे। साथ ही, स्टार्टअप्स को वित्तीय सहायता देने के लिए 2,000 करोड़ रुपये का ‘हरियाणा स्टार्टअप फंड ऑफ फंड्स’ बनाया जा रहा है। पहले से 250 करोड़ रुपये का आत्मनिर्भर स्टार्टअप वेंचर फंड भी संचालित है।

उन्होंने कहा कि बरवाला में आधुनिक वुडन जोन और वुडन मार्केट विकसित किया जाएगा, जिससे स्थानीय रोजगार और आय में बढ़ोतरी होगी। स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के उत्पादों को वॉलमार्ट और अमेजन जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जोड़कर वैश्विक बाजार उपलब्ध कराया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में 100 ग्रामीण कौशल केंद्र स्थापित किए जाएंगे और उद्योगों की जरूरत के अनुसार युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। महिला उद्यमियों के लिए क्रैच (बाल देखभाल केंद्र) की सुविधा भी औद्योगिक क्षेत्रों में उपलब्ध कराई जाएगी।

व्यापार को आसान बनाने के लिए सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम को मजबूत किया जाएगा और मंजूरी का समय 45 दिनों से घटाकर 30 दिन किया जाएगा। इसके अलावा, कुरुक्षेत्र, हिसार और रोहतक को आईटी हब के रूप में विकसित करने तथा हरित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए नई औद्योगिक नीतियां भी लागू की जाएंगी।

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