पंचकूला, 6 अक्तूबर- उच्च शिक्षा पर अखिल भारतीय सर्वेक्षण 2024-25 को लेकर एक दिवसीय राज्य स्तरीय वर्कशाॅप का लोक निर्माण विश्राम गृह सेक्टर-1 के ऑडिटोरियम में सांख्कीय सेल व उच्च शिक्षा विभाग हरियाणा द्वारा आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।

एसएन नारायणन आईएफएस ने कार्यक्रम में मुख्यअतिथि के रूप में शिरकत की

महानिदेशक, उच्चतर शिक्षा विभाग  एसएन नारायणन आईएफएस ने कार्यक्रम में मुख्यअतिथि के रूप में शिरकत की।उन्होंने सभी विश्वविद्यालय के नोडल अधिकारियों, महाविद्यालय प्रतिनिधियों, उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा
कि उन्हें खुश है कि एआईएसएचई में भागीदारी और डेटा प्रस्तुत करने में हरियाणा लगातार शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्यों में से एक रहा है।
यह उपलब्धि संस्थागत और विश्वविद्यालय स्तर पर आपके समर्पण और समन्वित प्रयासों का परिणाम है। हालाँकि, शीर्ष पर बने रहने का अर्थ यह भी है
कि हमें अपनी गुणवत्ता, गति और उभरती राष्ट्रीय आवश्यकताओं के साथ तालमेल में निरंतर सुधार करना होगा।
उच्च शिक्षा पर एक सुदृढ़ डेटा-बेस तैयार करने के लिए, मंत्रालय ने 2010-11 में इलेक्ट्रॉनिक मोड के माध्यम से देश के सभी उच्च शिक्षा संस्थानों से डेटा एकत्र करने हेतु अखिल भारतीय उच्च शिक्षा सर्वेक्षण शुरू किया।
नियमित आधार पर विश्वसनीय डेटा तैयार करने की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए, मंत्रालय ने वार्षिक आधार पर सर्वेक्षण जारी रखने का निर्णय लिया और जिसके लिए एक योजना का निर्माण आवश्यक था।
उन्होंने बताया कि सर्वेक्षण 2024-25 का कार्य 15 जुलाई 2025 से शुरू किया गया और 15 अक्तूबर 2025 अंतिम तिथि है।

शिक्षा मंत्रालय में निदेशक अनिता सिरोहीवाल ने कार्यशाला के मुख्य उद्देश्य बताए

भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय में निदेशक अनिता सिरोहीवाल ने कहा कि आज की कार्यशाला के तीन स्पष्ट उद्देश्य हैं।
प्रत्येक पात्र संस्थान से 100ः भागीदारी और समय पर प्रस्तुति सुनिश्चित करके हरियाणा को शीर्ष स्थान बनाए रखना।
एआईएसएचई डेटा को राष्ट्रीय प्राथमिकताओं, जैसे एनईपी 2020, रैंकिंग, के साथ संरेखित करना। त्रुटिरहित, प्रमाणित डेटा प्रविष्टि के लिए नोडल अधिकारियों में क्षमता निर्माण करना।
उन्होंने फ्रेमवर्क और डिजिटल शैक्षणिक संग्रह में सभी हितधारकों को एक साथ लाने और सीखने, सहयोग और मानकीकरण के लिए एक मंच तैयार करने हेतु टीम का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि आज की कार्यशाला का उपयोग चुनौतियों का समाधान करने, समान कार्यप्रणालियों को अपनाने और एआईएसएचई रिपोर्टिंग में अग्रणी राज्य के रूप में हरियाणा की प्रतिष्ठा को सुदृढ़ करने के लिए करें।
उन्होंने बताया कि इस राज्य स्तरीय कार्यशाला का उद्देश्य बिना गलती के डाटा जमा करना है।
इसी कडी में सभी विश्वविद्यालय के नोडल अधिकारियों, महाविद्यालय प्रतिनिधियों, उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों  को कार्यशाला के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
कार्यशाला में लगभग पूरे राज्य से 250 विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधियों ने प्रशिक्षण  लिया।
इस अवसर पर शिवम पांडे, तकनीकी एक्सपर्ट ने भी विस्तार से अपने विचार सभी प्रतिनिधियों के साथ सांझा किए और उन्हें बारिकी से जानकारी दी।
हरियाणा राज्य की नोडल अधिकारी डाॅ वीना ने कार्यशाला में आए सभी शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों को विस्तार से कार्यशाला का महत्व बताया
और सभी बारिकी से जानकारी सांझा की और इसके महत्व को विस्तार से बताया।  इस अवसर पर स्वर्ण जयंती हरियाणा फिक्सल मैनेजमेंट पंचकूला से श्री मनीष मित्तल और हरियाणा के अन्य हिस्सों से आए हुए शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि मौजूद थे।

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