हैपनिंग हरियाणा 2.0’ के तहत मुंबई में आयोजित कार्यक्रम हरियाणा के लिए बड़े निवेश की सौगात लेकर आया। विभिन्न कंपनियों ने राज्य में निवेश के लिए 66,000 करोड़ रुपये से अधिक के एमओयू किए हैं। इन निवेश समझौतों से राज्य में उद्योग और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने निवेशकों को सरकार की ओर से पांच बड़ी गारंटियां दीं। इनमें नीति में स्थिरता, परियोजनाओं को समय पर आगे बढ़ाना, बेहतर सुविधाएं, रोजगार के अवसर और निवेशकों को पूरा सरकारी सहयोग शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार केवल फाइलों को आगे बढ़ाने पर नहीं, बल्कि प्रोजेक्ट को जमीन पर उतारने पर ध्यान देती है। उनका कहना है कि निवेशकों को अनावश्यक देरी से बचाने के लिए सरकारी प्रक्रिया को तेज और आसान बनाया जा रहा है।
कार्यक्रम में निवेशकों ने हरियाणा सरकार के गुड गवर्नेंस, पारदर्शिता और तेज निर्णय लेने की प्रक्रिया की सराहना की। वहीं, श्रमिकों से जुड़े मामलों को बेहतर तरीके से सुलझाने के लिए उद्योग-श्रमिक मैत्री परिषद के गठन की जानकारी भी दी गई। सरकार का लक्ष्य उद्योग और श्रमिकों के बीच बेहतर तालमेल बनाना है।
Highlights
- 66,000 करोड़ रुपये से अधिक के MoU
- निवेशकों को मुख्यमंत्री की 5 गारंटियां
- रोजगार और औद्योगिक विकास पर जोर
- तेज और पारदर्शी सरकारी प्रक्रिया
- उद्योग-श्रमिक मैत्री परिषद का गठन


