चंडीगढ़, 18 जुलाई: धार्मिक गतिविधियों की आड़ में कथित रूप से बड़े स्तर पर चलाए जा रहे धर्मांतरण रैकेट के मुख्य आरोपी छांगुर बाबा पर अब कानून का शिकंजा और कसता जा रहा है। पहले से ही यूपी एटीएस की रडार पर आए बाबा पर अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। बीते गुरुवार को ED ने बाबा से जुड़े कई शहरों में एक साथ दबिश देकर न केवल आर्थिक लेन-देन की तहकीकात की, बल्कि ऐसे दस्तावेज भी बरामद किए जो बेहद चौंकाने वाले हैं।

कहां-कहां हुई कार्रवाई?

ED ने यह छापेमारी तीन प्रमुख शहरों – बलरामपुर, लखनऊ और मुंबई – में की।

  • बलरामपुर: बाबा के गढ़ में सबसे ज्यादा 12 जगहों पर छापे पड़े

  • मुंबई: दो अलग-अलग स्थानों पर

  • लखनऊ: चिनहट क्षेत्र में एक जगह पर

इस पूरे ऑपरेशन के दौरान, बाबा, उसके बेटे, और दो मुख्य सहयोगियों – नवीन उर्फ जलालुद्दीन और नीतू – से जुड़े ठिकानों से 40 करोड़ रुपये से ज्यादा मूल्य की संपत्तियों के दस्तावेज बरामद किए गए हैं। इन दस्तावेजों को फिलहाल ईडी ने अपने कब्ज़े में ले लिया है और जांच में जुट गई है।

विदेशी कनेक्शन की भी पुष्टि!

जांच तब और गहराई में चली गई जब मुंबई में छापेमारी के दौरान ईडी की टीम को अहम सुराग मिले। मुंबई के बांद्रा ईस्ट के कंकिया पेरिस अपार्टमेंट और माहिम वेस्ट के रिज़वी हाइट्स में रहने वाले शहजाद शेख के घर से एक मोबाइल फोन मिला जिसमें क्रोएशियन करेंसी (विदेशी मुद्रा) की एक तस्वीर मौजूद थी।

अब ईडी यह पड़ताल कर रही है कि कहीं छांगुर बाबा का नेटवर्क सिर्फ देश के अंदर ही नहीं बल्कि विदेशों तक फैला हुआ तो नहीं? क्या उसके इस रैकेट को विदेश से फंडिंग मिल रही थी? क्या इस काम के लिए हवाला या मनी लॉन्ड्रिंग जैसे तरीके अपनाए जा रहे थे?

नवीन, शहजाद और फंडिंग का खेल

जांच में सामने आया है कि शहजाद शेख, बाबा के करीबी माने जाने वाले नवीन उर्फ जलालुद्दीन का खास दोस्त है।

  • नवीन के बैंक खाते से शहजाद के खाते में 1.20 करोड़ रुपये का ट्रांसफर हुआ था।

  • बलरामपुर में शहजाद के नाम से जो ज़मीन खरीदी गई है, वह भी छांगुर सिंडिकेट के पैसों से खरीदे जाने की आशंका जताई जा रही है।

  • ईडी को यहां से कुछ आपत्तिजनक दस्तावेज, ट्रांजैक्शन डीटेल्स और संदिग्ध लेन-देन की पुख़्ता जानकारी मिली है।

लखनऊ में भी संदिग्ध संपत्ति

लखनऊ में चिनहट इलाके में रहने वाले राजेश उपाध्याय, जो बलरामपुर कोर्ट में क्लर्क हैं, उनके घर पर भी छापा मारा गया।

ईडी को शक है कि राजेश की पत्नी के नाम से जो जमीन खरीदी गई, वह भी बाबा के नेटवर्क से मिली फंडिंग का हिस्सा हो सकती है।

राजेश की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है और अब उनसे भी पूछताछ की तैयारी चल रही है।

अब जांच के दायरे में पूरा नेटवर्क

ईडी अब इस पूरे नेटवर्क की धार्मिक गतिविधियों की आड़ में अवैध फंडिंग, धर्मांतरण, विदेशी फंडिंग, और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एंगल्स की गहराई से जांच कर रही है। जांच एजेंसी की कोशिश है कि यह पता लगाया जा सके कि:

  • इस सिंडिकेट को किन-किन विदेशी संस्थाओं से पैसे मिले?

  • हवाला के जरिए किन माध्यमों से रकम भेजी गई?

  • इस पूरे मामले में और कौन-कौन शामिल हो सकता है?

अब तक की जांच की प्रमुख बातें:

  • ED की 15 स्थानों पर छापेमारी, जिनमें बलरामपुर, लखनऊ और मुंबई शामिल

  • बाबा, उसके बेटे और सहयोगियों के नाम पर करोड़ों की संपत्तियों के दस्तावेज बरामद

  • शहजाद के फोन में क्रोएशिया की मुद्रा की तस्वीर ने विदेशी फंडिंग का संकेत दिया

  • ट्रांजैक्शन डिटेल्स से मनी ट्रेल पर भी ईडी की नज़र

  • हवाला, मनी लॉन्ड्रिंग और धर्मांतरण नेटवर्क की व्यापक जांच शुरू

 

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