तलवंडी साबो, 12 अप्रैल 2026: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के लगातार प्रयासों के बाद, केंद्र सरकार ने सीमा पर लगी बाड़ को अंतरराष्ट्रीय सीमा के और करीब ले जाने का कदम उठाया है। यह फैसला उन किसानों के लिए बड़ी राहत लेकर आएगा, जिन्हें लंबे समय से BSF की कड़ी पाबंदियों के बीच खेती करने पर मजबूर होना पड़ रहा था।
सीमावर्ती जिलों में अब सर्वे के आदेश दिए जाने के साथ ही, इस कदम से लाखों एकड़ ज़मीन वापस बाड़ वाले इलाके के अंदर आ जाएगी। इससे किसानों को अपनी ज़मीन तक ज़्यादा पहुंच मिलेगी, वे अपनी पसंद की फसलें उगा सकेंगे, और खेती के सीमित घंटों तथा बार-बार होने वाली सुरक्षा जांचों से उन्हें आज़ादी मिलेगी।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हमने केंद्रीय गृह मंत्री के सामने कई बार यह मुद्दा उठाया है कि सीमा पर रहने वाले किसानों के लिए, पाकिस्तान के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा पर लगी बाड़ भारतीय सीमा के अंदर तीन से चार किलोमीटर पीछे लगाई गई है। इसका नतीजा यह होता है कि उनके खेत बाड़ के दूसरी तरफ रह जाते हैं।
किसानों को पेश आने वाली चुनौतियों के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा, “किसानों को खेती के लिए बाड़ के दूसरी तरफ जाने की इजाज़त केवल BSF द्वारा तय किए गए निश्चित समय पर ही मिलती है। वे सुबह 9 बजे से पहले नहीं जा सकते; उनकी तलाशी ली जाती है, और उनके साथ सुरक्षा बल भी जाते हैं। ऐसा यह सुनिश्चित करने के लिए किया जाता है कि कोई भी तस्करी का सामान या हथियार वापस न लाया जाए। शाम 4 बजे के बाद वे खेतों में नहीं रुक सकते, और लौटते समय उनकी फिर से तलाशी ली जाती है। सुरक्षा बलों का भी काफी समय हमारे अपने ही नागरिकों की जांच करने में खर्च हो जाता है।”


