भारत की गलियों में तेजी से दौड़ते डिलीवरी बैग्स अब शायद थोड़ी राहत की सांस लेंगे, बतादें अब इनकी सुरक्षा को लेकर केंद्र ने बड़ा फैसला लिया है,

केंद्र का यह फैसला गिग वर्कर्स को  ज्यादा  सुरक्षित माहौल देना इसका एक कारण यह भी है जल्दी के चक्कर में कई डिलीवरी Boy हादसे का भी शिकार होते है।

वही अब सरकार ने इस पर गंभीरता से विचार किया है।

गिग वर्कर्स की सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. केंद्र ने क्विक कॉमर्स कंपनियों से “10 मिनट डिलीवरी” की अनिवार्य डेडलाइन को खत्म करने को कहा है.

डिलीवरी के समय को लेकर ड्राइवरों पर पड़ रहे दबाव को कम करने के लिए Blinkit, Zomato, Zepto, और Swiggy जैसे बड़े प्लेटफॉर्म्स के साथ केंद्र सरकार ने बैठक की थी.

सरकार ने बड़े प्लेटफॉर्म्स के साथ बैठक की

डिलीवरी समय की सख्त 10 मिनट डिलीवरी के चलते ड्राइवरों पर बढ़ रहे दबाव को कम करने के लिए सरकार ने Blinkit, Zepto, Zomato और Swiggy जैसे बड़े प्लेटफॉर्म्स के साथ बैठक की थी.

सरकारी निर्देश के बाद Blinkit ने अपनी ब्रांडिंग से “10 मिनट में डिलीवरी” का दावा हटा दिया है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आने वाले दिनों में अन्य कंपनियां भी ऐसा ही कदम उठाएंगी, जिससे डिलीवरी कर्मियों की सुरक्षा बढ़ेगी और उनकी कामकाजी परिस्थितियां बेहतर हो सकेंगी.

संसद के शीतकालीन सत्र में गिग वर्कर्स की सुरक्षा का मुद्दा भी उठा था. आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने कहा था कि 10 मिनट में डिलीवरी की शर्त वर्कर्स को सड़क पर अनावश्यक जोखिम उठाने के लिए मजबूर करती है.

चड्ढा ने संसद से अपील की थी कि केवल सुविधा ही नहीं, बल्कि अल्ट्रा-फास्ट डिलीवरी की मानवीय कीमत पर भी गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए. हाल ही में सांसद राघव चड्ढा की वीडियो भी वायरल हुई है जिसमें वह डिलीवरी बॉय बने हुए नजर आए हैं.

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