रियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी रविवार देर शाम खरड़ स्थित श्री राम भवन में आयोजित श्री राम कथा के भव्य समापन समारोह में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने श्रद्धापूर्वक श्री राम कथा का श्रवण किया और यज्ञ में आहुति अर्पित कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री ने श्री राम भवन में लगाई गई प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।
श्री राम के आदर्शों को जीवन में अपनाने का संदेश
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रभु श्री राम का जीवन मर्यादा, कर्तव्यनिष्ठा, त्याग और दृढ़ आचरण का अनुपम आदर्श है। उनका जीवन हमें सिखाता है कि कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी सत्य और धर्म के मार्ग पर अडिग रहना चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रभु श्री राम ने अपने जीवन और आचरण से समाज के सामने ऐसे आदर्श प्रस्तुत किए, जो आज भी मानवता का मार्गदर्शन करते हैं। उन्होंने हर परिस्थिति में मर्यादा, सत्य, धैर्य और धर्म का पालन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके जीवन से हमें अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने और अपने मूल्यों से कभी समझौता न करने की प्रेरणा मिलती है।
भारतीय संस्कृति और संस्कारों का संदेश देती है श्री राम कथा
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री राम कथा केवल प्रभु श्री राम के जीवन प्रसंगों का वर्णन नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, संस्कारों और जीवन मूल्यों का संदेश भी देती है। कथा का श्रवण करने से मनुष्य को अपने जीवन में सेवा, सद्भाव, करुणा, संयम और कर्तव्यपरायणता जैसे गुणों को अपनाने की प्रेरणा मिलती है।
उन्होंने कहा कि प्रभु श्री राम के आदर्श आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं। उनके जीवन से समाज को एकता, भाईचारे और परस्पर सम्मान के साथ आगे बढ़ने का मार्ग मिलता है।
समाज और राष्ट्र के कल्याण में योगदान देने का आह्वान
नायब सिंह सैनी ने कहा कि हमें प्रभु श्री राम के आदर्शों को केवल सुनना ही नहीं, बल्कि अपने जीवन में भी उतारना चाहिए। उनके बताए मार्ग पर चलकर हम समाज में प्रेम, सद्भाव और भाईचारे को मजबूत कर सकते हैं।
उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे प्रभु श्री राम के जीवन मूल्यों को अपनाते हुए समाज और राष्ट्र के कल्याण में अपना योगदान दें।
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने यज्ञ में आहुति अर्पित की और सभी प्रदेशवासियों के सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की।


