सुनाम हलके के शेरों गांव में आयोजित लोक मिलनी के दौरान पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने BJP और अकाली दल पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों दल राजनीतिक फायदे के लिए फिर से साथ आने की तैयारी कर रहे हैं और इसके पीछे सत्ता में हिस्सेदारी की कोशिश है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ हुए किसान आंदोलन के दौरान पंजाब के 750 किसानों की जान गई। उनके अनुसार, पंजाब के लोग इन किसानों के बलिदान को कभी नहीं भूलेंगे और उनके परिवारों की पीड़ा को नजरअंदाज करके BJP को वोट नहीं देंगे।
मान ने अकाली दल पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता की कुर्सी हासिल करने के लिए पार्टी किसी भी हद तक समझौता कर सकती है। उन्होंने दावा किया कि पंजाब यूनिवर्सिटी में BJP पहले कभी चुनाव नहीं जीत पाई, लेकिन इस बार अकाली दल के समर्थन से उसे सफलता मिली।
मुख्यमंत्री ने BJP पर सिखों और हिंदुओं के बीच मतभेद पैदा कर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने पंजाब के लोगों से ऐसी राजनीति से सावधान रहने की अपील की।
मान ने कहा कि पंजाब विकास के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। सरकार का फोकस स्कूल, अस्पताल, बिजली, पानी और सड़कों से जुड़े कामों पर है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य आम लोगों को बेहतर सुविधाएं देना और प्रदेश में विकास की रफ्तार तेज करना है।
लोक मिलनी के दौरान मुख्यमंत्री ने गांव के लोगों से सीधे बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने अधिकारियों को लोगों की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने के निर्देश भी दिए।


