पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने दावा किया है कि उनकी सरकार के कार्यकाल में पिछले साढ़े चार वर्षों के दौरान राज्य में एक भी परीक्षा का पेपर लीक नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने अब तक करीब 69 हजार युवाओं को बिना किसी सिफारिश, रिश्वत या पेपर लीक के केवल मेरिट के आधार पर सरकारी नौकरी दी है। मुख्यमंत्री ने भाजपा, कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल पर पंजाब और यहां के युवाओं की छवि खराब करने का आरोप भी लगाया।

संसद दौरे के दौरान लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और अन्य सांसदों से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में संवाद और आपसी मुलाकात बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों के बीच विचारों का मतभेद स्वाभाविक है, लेकिन इसे व्यक्तिगत दुश्मनी में नहीं बदलना चाहिए।

पेपर लीक के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में हुई फार्मेसी परीक्षा में पेपर लीक नहीं हुआ था, बल्कि कुछ लोगों ने तकनीक का इस्तेमाल कर नकल करने की कोशिश की थी। उन्होंने बताया कि परीक्षा शुरू होने के करीब 15 मिनट बाद ही अधिकारियों ने एक अभ्यर्थी को ब्लूटूथ पेन और ईयरपीस के जरिए बाहर बैठे लोगों से जवाब लेते हुए पकड़ लिया। इसके बाद पंजाब पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 10 अभ्यर्थियों और बाहर से नकल कराने वाले 11 सदस्यीय गिरोह को गिरफ्तार कर लिया।

विपक्ष द्वारा शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर मुख्यमंत्री ने कहा कि संबंधित परीक्षा शिक्षा विभाग नहीं बल्कि स्वास्थ्य विभाग के अधीन आयोजित हुई थी। स्वास्थ्य मंत्री पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि यह पेपर लीक नहीं बल्कि नकल का मामला था, जिस पर तुरंत कार्रवाई कर परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न कराई गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में सरकारी भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है और सरकार “नो कैश, नो सिफारिश, सिर्फ मेरिट” के सिद्धांत पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि भर्ती में भ्रष्टाचार और धांधली अब बीते समय की बात हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों से अपील की कि वे राजनीतिक लड़ाई उनसे लड़ें, लेकिन पंजाब के मेहनती और प्रतिभाशाली युवाओं की ईमानदारी पर सवाल न उठाएं। उन्होंने कहा कि राज्य के हजारों युवाओं ने अपनी मेहनत और योग्यता के दम पर सरकारी नौकरियां हासिल की हैं और उनकी उपलब्धियों को राजनीतिक आरोपों की भेंट नहीं चढ़ाया जाना चाहिए।

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