पंजाब राज्य खाद्य आयोग, इन्वेस्ट पंजाब, पंजाब एग्रो और पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू) ने उज्बेकिस्तान के साथ व्यापार और निवेश बढ़ाने को लेकर चंडीगढ़ में बैठक की।
बैठक में बताया गया कि उज्बेकिस्तान सरकार निवेश को बढ़ावा देना चाहती है। हालांकि, वहां पंजाब के उत्पादों की मांग का पता लगाने के लिए पहले स्थानीय बाजार का सर्वे किया जाएगा।
बैठक में कहा गया कि खाद्य क्षेत्र पंजाब के लिए सबसे बड़ा अवसर हो सकता है। उज्बेकिस्तान में 15 हजार से ज्यादा भारतीय छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। साथ ही यह देश सोने और अन्य खनिजों के उत्पादन के लिए भी जाना जाता है।
पंजाब राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष बल मुकंद शर्मा ने कहा कि पंजाब से बासमती चावल, कृषि मशीनरी, ट्रैक्टर, मसाले, सरसों का तेल, पाम ऑयल, देसी घी, चाय, स्किम्ड मिल्क पाउडर, ड्रिप सिंचाई प्रणाली और खास तौर पर मार्कफेड और मिल्कफेड के प्रोसेस्ड फूड के निर्यात की अच्छी संभावना है।
उन्होंने बताया कि उज्बेकिस्तान में कच्चा माल तो पर्याप्त है, लेकिन कोल्ड स्टोरेज की सुविधा कम है। ऐसे में पंजाब के प्रोसेस्ड फूड उत्पाद वहां अच्छा बाजार बना सकते हैं।
बैठक में पंजाब से सामान भेजने के लिए बंदरगाह (पोर्ट ऑफ डिस्चार्ज) और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं पर भी चर्चा की गई।
ताशकंद से ऑनलाइन जुड़े एकेएकॉर्प ग्लोबल टेक के जनरल डायरेक्टर योगेश कुमार ने कहा कि मध्य एशिया का बाजार पंजाब के लिए नए व्यापारिक अवसर लेकर आया है। उन्होंने कहा कि उज्बेकिस्तान में तेजी से डिजिटल विकास हो रहा है, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को बढ़ावा मिलेगा।


