पंजाब सरकार ने बेअदबी के संबंध में बनाए गए कानून का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। अब पंजाब में बेअदबी की घटनाओं पर नकेल कसने के लिए सरकार और पुलिस प्रशासन पूरी तरह तैयार है। इसके साथ ही, पंजाब पुलिस ने बेअदबी के मामलों की जांच के लिए एक नई SOP जारी की है। SOP का उद्देश्य जांच में पारदर्शिता, गति और तकनीकी सटीकता लाना है ।
वही अब यह नया कानून बेअदबी के मामलों को लेकर अत्यंत सख्त है। दोषी को उम्रकैद तक की सजा और 5 लाख से 25 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा। पहले मानसिक रुप से अस्वस्थ आरोपी को छूट मिल जाती थी जो आरोपीयों की एक चाल होती थी लेकिन अब यदि आरोपी मानसिक रूप से अस्वस्थ पाया जाता है, तो उसके अभिभावक को कानून के दायरे में लाकर जवाबदेह ठहराया जाएगा। इसके साथ ही आरोपी की मानसिक स्थिति जानने के लिए एक फॉरेसिक मनोवैज्ञानिकों का एक बोर्ड गठित किया जाएगा
इसके साथ ही अब बेअदबी के मामलों की कड़ी जांच करना और 60 से 90 दिनों के भीतर चालान पेश करना अनिवार्य होगा ।
यदि ऐसे किसी घटना की सूचना मिलती है तो SHO और जांच अधिकारी को तुरंत मौके पर पहुंचना होगा। सबूतो को सुरक्षित रखने के लिए एक आंतरिक घेरा बनाया जाएगा और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बाहरी घेरा बनाया जाएगा । इन मामलों की सीधी निगरानी संबंधित SSP या पुलिस कमिश्नर द्वारा की जाएगी। पंजाब सरकार ने बे/अद/बी को लेकर 13 अप्रैल को एक प्रस्ताव पेश किया था जिसके बाद राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने इसे मंजूरी दे दी है।


