चंडीगढ़, 10 अप्रैल:  मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि गुरुग्राम में स्थापित किए जा रहे श्री शीतला माता देवी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एमबीबीएस की 150 सीटों तथा 850 बैडों में से 33-33 प्रतिशत हरियाणा के विद्यार्थियों और प्रदेश के लोगों के लिए आरक्षित किए जाएं।

इस परियोजना के पीपीपी मोड पर संचालन एवं रखरखाव को लेकर बुलाई गई कैबिनेट सब-कमेटी की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविन्द शर्मा तथा स्वास्थ्य, परिवार कल्याण एवं मेडिकल शिक्षा मंत्री आरती सिंह राव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आरक्षित सीटों पर फीस अन्य सरकारी मेडिकल कॉलेजों के अनुरूप ही निर्धारित की जाए, ताकि राज्य के विद्यार्थियों को सुलभ और किफायती चिकित्सा शिक्षा मिल सके।

 मुख्यमंत्री ने कहा कि अस्पताल में आरक्षित बैडों पर आयुष्मान भारत योजना के तहत मरीजों को लाभ दिया जाना सुनिश्चित किया जाए, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। उन्होंने इस संस्थान को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित करने पर जोर देते हुए कहा कि यह गुरुग्राम की स्वास्थ्य सेवाओं को नई पहचान देगा।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गुरुग्राम में विभिन्न स्थानों पर 100 से 150 बैड क्षमता वाले 3 से 4 अतिरिक्त अस्पताल इसी तर्ज पर खोलने के प्रस्ताव भी तैयार किए जाएं, जिससे बढ़ती आबादी की स्वास्थ्य जरूरतों को बेहतर तरीके से पूरा किया जा सके।

बैठक में मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, प्रधान सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री ए.के. सिंह, जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री पी.सी. मीणा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

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