अमेरिका और ईरान के बीच 14 दिनों के सीजफायर के बाद भी मामला अभी साफ नही हो पाया है, ईरान और अमेरिका के बीच हुए युद्धविराम की मध्यस्थता पाकिस्तान ने की अब पाकिस्तान अपने आप को बड़ा प्लेयर मान रहा कि उसने अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर करवाया. लेकिन इसराइल का कहना है कि पाकिस्तान एक भरोसेमंद प्लेयर नहीं है.
भारत में इसराइल के राजदूत रूवेन अज़ार ने कहा, “हम पाकिस्तान को विश्वसनीय प्लेयर नहीं मानते. मेरा मानना है कि अमेरिका ने अपने कारणों से पाकिस्तान की मदद लेने का फ़ैसला किया है.”
अज़ार ने कहा, “हमने पहले भी देखा है कि अमेरिका ने कैसे क़तर और तुर्की जैसे देशों को इस्तेमाल करके हमास के साथ समझौता करने में फ़ायदा उठाया है. हमारे लिए यह बहुत ज़रूरी है कि जिस नतीजे पर पहुँचना चाहते हैं, उसमें हम अमेरिका के साथ तालमेल बनाए रखें.”
इजरायल PM बेंजामिन नेतन्याहू ने पाकिस्तान को दो टूक चेतावनी देते हुए कहा कि ‘इजरायल के विनाश की बात बर्दाश्त नहीं’ की जाएगी.
पाकिस्तान जो खुद अपने बात पर कायम नही रहता है इस समय चारो तरफ से सुर्खिया लेने के फिराक में है पाकिस्तान रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के इस बयान ने उनकी इस पूरी प्लानिंग पर पानी फेर दिया है. ख्वाजा आसिफ ने इजरायल को ‘कैंसर’ और ‘इंसानियत के लिए शाप’ कह के अपनी ऐसी फजीहत कराई है कि अब इजरायल PM ने उनकी नीयत पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
ख़्वाजा आसिफ़ का X पर पोस्ट
गुरुवार को ख़्वाजा आसिफ़ ने X पर पोस्ट किया “इसराइल शैतान है और मानवता पर धब्बा है. जहां इस्लामाबाद में शांति की बातें हो रही हैं वहां वो लेबनान में जनसंहार कर रहा है. पहले वो ग़ज़ा में निर्दोष लोगों को मार रहा था और अब लेबनान में यही कर रहा है. उसका ख़ून ख़राबा बेरोक टोक जारी है. जिन लोगों ने यूरोपीय यहूदियों से छुटकारा पाने के लिए फ़लस्तीनियों की ज़मीन पर इस कैंसरनुमा देश को बनाया है वो जहन्नुम में जलें.”
इसराइल के विदेश मंत्री का पोस्ट
इस पर इसराइल के विदेश मंत्री डिगियन सार ने X पर पोस्ट किया “इसराइल उस सरकार की ओर से आए इन खुले तौर पर यहूदी-विरोधी और झूठे ख़ूनी आरोपों को बेहद गंभीरता से देखता है, जो खुद को ‘शांति की मध्यस्थ’ बताती है. यहूदी राष्ट्र को ‘कैंसरग्रस्त’ कहना दरअसल उसके विनाश की मांग करने जैसा है. इसराइल उन आतंकियों के खिलाफ अपनी रक्षा करेगा, जो उसके ख़ात्मे की कसम खाते हैं.”
दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और फ़ील्ड मार्शल को युद्धविराम के प्रयासों के लिए धन्यवाद दिया था.. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने भी युद्धविराम का एलान होने पर अमेरिका और ईरान का शुक्रिया अदा किया था.
नेतन्याहू के ऑफ़िस की ओर से X पर पोस्ट
वहीं इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू के ऑफ़िस की ओर से X पर पोस्ट किया गया “पाकिस्तान के रक्षा मंत्री की ओर से इसराइल के ख़ात्मे की कामना करना बेहद आपत्तिजनक है. किसी भी सरकार से ख़ास कर उस सरकार से जो ख़ुद को शांति का मध्यस्थ बताती हो, उससे ऐसे बयान की उम्मीद नहीं की जा सकती.”


