पंचकूला, 9 अप्रैल- उपायुक्त सतपाल शर्मा ने आज लघु सचिवालय के सभागार में आगामी 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के दिन बाल विवाह की रोकथाम के लिए आयोजित बैठक की अध्यक्षता की। उन्होने स्पष्ट किया कि इस प्रकार की शादी गैर कानूनी व अमान्य मानी जाती हैं और शादी करने और इसमें सहयोग करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कारवाई की जाएगी।
उपायुक्त ने बताया कि अक्षय तृतीय के पवित्र दिन अनेक धार्मिक-सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते है और इस दिन सामूहिक बाल विवाह के आयोजनों की भी संभावना होती है। उन्होने बताया कि बाल विवाह निषेध अधिनियम के नए संसोधन के अनुसार लडकों के लिए 21 वर्ष की आयु से पूर्व और लडकियों के लिए 18 वर्ष से पहले विवाह गैर कानूनी होने के साथ साथ पहले दिन से ही अमान्य माना जाता है।
बाल विवाह के मामलों में 2 साल तक की सजा या 1 लाख तक का जुर्माना का प्रावधान
उन्होंने बताया कि ऐसा कोई भी व्यक्ति जो बाल विवाह करवाता है, उसको बढ़ावा देता है या करने में किसी भी प्रकार से सहायता करता है उसे 2 साल तक की सजा या 1 लाख तक का जुर्माना हो सकता है। इसके अलावा पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) की धाराओं के तहत मामला भी दर्ज किया जा सकता है।
बाल विवाह रोकने के लिए एक टीम के रूप में कार्य करेंगे विभाग
श्री सतपाल शर्मा ने निर्देश दिए कि बाल विवाह रोकने के लिए पुलिस विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग, जिला शिक्षा अधिकारी, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, बाल कल्याण समिति, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग पंचकूला के साथ-साथ एनजीओ और अन्य सामाजिक संगठन अक्षय तृतीय के अवसर पर जिला में बाल विवाह रोकने के लिए एक टीम के रूप में कार्य करेंगे।


