मोहाली, 30 दिसंबर – श्री आनंदपुर साहिब से सांसद मालविंदर सिंह कंग ने भाजपा नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा योजना का नाम बदले जाने के फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि केवल नाम बदलने से योजना से जुड़ी जमीनी समस्याओं का समाधान नहीं होगा, बल्कि इससे योजना का मूल उद्देश्य ही कमजोर किया जा रहा है।
जिला प्रशासनिक परिसर, एस.ए.एस. नगर में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक की अध्यक्षता करने के बाद मीडिया से बातचीत में सांसद कंग ने कहा कि मनरेगा जैसी जनहित योजनाओं को मजबूत करने की जरूरत है, न कि केवल प्रतीकात्मक बदलाव करने की। उन्होंने कहा कि नया मॉडल राज्यों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डाल रहा है, जबकि कई राज्य पहले से ही सीमित संसाधनों से जूझ रहे हैं।
सांसद कंग ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने इस फैसले के खिलाफ विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के सांसदों ने संसद में भी मनरेगा के स्वरूप में बदलाव और राज्यों पर वित्तीय दबाव बढ़ाने के खिलाफ मजबूती से आवाज उठाई है।
दिशा बैठक के दौरान केंद्र प्रायोजित योजनाओं की समीक्षा करते हुए सांसद कंग ने कहा कि मौजूदा फंड आवंटन राज्यों की वास्तविक जरूरतों के मुकाबले अपर्याप्त है। उन्होंने मांग की कि जमीनी हालात के अनुसार राज्यों को अधिक फंड दिया जाना चाहिए, विशेषकर पंजाब जैसे राज्यों को जो देश की खाद्य सुरक्षा में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
इसके अलावा सांसद कंग ने अधिकारियों को सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास (एमपी-लैड) फंड का समयबद्ध, पारदर्शी और ईमानदारी से उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं को संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ लागू किया जाना चाहिए, ताकि आम लोगों को सीधा लाभ मिल सके।


