चंडीगढ़, 5 नवंबर 2026। पंजाब में PCS मुख्य परीक्षा के घोषित परिणामों को लेकर विवाद बढ़ता नजर आ रहा है। पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सरदार परगट सिंह ने परीक्षा परिणामों में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार से जवाब मांगा है। उन्होंने कहा कि पंजाब के युवाओं के भविष्य और सरकारी भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता के साथ किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

परगट सिंह ने कहा कि पंजाब PCS भर्ती के तहत 331 पदों के लिए 751 उम्मीदवारों को मुख्य परीक्षा के परिणाम के आधार पर शॉर्टलिस्ट किया गया है। हालांकि, परिणाम घोषित होने के बाद अभ्यर्थियों की ओर से चयन प्रक्रिया को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। इन सवालों को नजरअंदाज करने के बजाय पंजाब लोक सेवा आयोग (PPSC) को तथ्यों के आधार पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि उम्मीदवारों द्वारा परीक्षा केंद्रों और कमरों के अनुसार चयन के आंकड़ों पर सवाल उठाए जा रहे हैं। आरोप हैं कि चार परीक्षा केंद्रों के कुछ विशेष कमरों से 10-11 उम्मीदवारों का चयन हुआ, जबकि कुछ कमरों में शॉर्टलिस्टिंग का प्रतिशत 40 फीसदी से अधिक रहा। इसके अलावा एक परीक्षा केंद्र पर चयन दर 24.21 प्रतिशत और दूसरे केंद्र के एक कमरे में केवल 2.89 प्रतिशत होने को लेकर भी अभ्यर्थियों ने सवाल खड़े किए हैं।

परगट सिंह ने कहा कि चयनित उम्मीदवारों के लगातार रोल नंबर आने और कथित तौर पर परीक्षा में अनुपस्थित रहे उम्मीदवारों के रोल नंबर चयन सूची में शामिल होने के आरोप भी गंभीर चिंता का विषय हैं। उन्होंने मांग की कि PPSC इन सभी आरोपों पर सार्वजनिक रूप से स्पष्टीकरण दे और संबंधित रिकॉर्ड सामने रखे।

PPSC चेयरमैन से मांगा जवाब, स्वतंत्र एजेंसी से जांच की मांग

कांग्रेस नेता ने कहा कि यह मामला केवल कुछ उम्मीदवारों के चयन तक सीमित नहीं है, बल्कि पंजाब की पूरी सरकारी भर्ती व्यवस्था की पारदर्शिता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता से जुड़ा हुआ है। हजारों युवा सरकारी नौकरी पाने के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं और अपने परिवारों की उम्मीदों के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। ऐसे में भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठना युवाओं के विश्वास को प्रभावित करता है।

उन्होंने PPSC चेयरमैन से सार्वजनिक रूप से सामने आकर सभी सवालों का जवाब देने की मांग की। साथ ही परीक्षा केंद्रों और कमरों के अनुसार चयन के आंकड़े, उम्मीदवारों के उपस्थिति रिकॉर्ड और रोल नंबरों से संबंधित शिकायतों की निष्पक्ष जांच करवाने की बात कही। उन्होंने सुझाव दिया कि जांच किसी ऐसी स्वतंत्र एजेंसी से करवाई जाए, जिसकी निष्पक्षता पर किसी को संदेह न हो।

भगवंत मान सरकार से पूछा- युवाओं को पारदर्शी भर्ती देना सरकार की जिम्मेदारी नहीं?

परगट सिंह ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से सवाल किया कि क्या उनकी सरकार पंजाब के युवाओं को पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है? उन्होंने कहा कि यदि चयन प्रक्रिया पूरी तरह सही है तो सरकार और PPSC को संबंधित तथ्यों और रिकॉर्ड के साथ स्थिति स्पष्ट करने में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि पंजाब के युवाओं को किसी की सिफारिश या विशेष व्यवस्था की जरूरत नहीं है। उन्हें केवल अपनी मेहनत और योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरी पाने के समान अवसर मिलने चाहिए।

परगट सिंह ने सरकार से इस मामले में तुरंत जवाब देने और अभ्यर्थियों की ओर से उठाए गए सवालों की निष्पक्ष जांच करवाने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करे और युवाओं का सरकारी संस्थाओं पर भरोसा कायम रखे।

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