पंजाब विधानसभा के बजट सत्र के चौथा दिन बडे हंगामे के साथ शुरु हुआ। हंगामे के बाद कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैहरा के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास हुआ । विधानसभा में कांग्रेस विधायक सुखपाल खैरा के बयान जिसमें उन्होने बजट में महिलाओं को दी जाने वाली राशि पर तंज कसा था उस बयान को लेकर विवाद हो गया। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कांग्रेस के विधायक सुखपाल सिंह खैरा का सोशल मीडिया पर दिया गया बयान पढ़कर सुनाया जिसमें “खैरा ने कहा था कि 1000 रुपये लेकर औरतें कौन से सूरमाओं को पैदा कर देंगी।”
वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने कहा कि खैरा ने एक विवादित पोस्ट डाला है जिसमें एक हजार रुपये देने पर महिला विधायकों को निशाना बनाया गया है। यह दलित महिलाओं का अपमान है। चीमा ने कहा कि हर बार कांग्रेसी महिलाओं का अपमान करते हैं। इससे पहले बैंड बाजा वाला बयान दिया गया हैं। चीमा ने कहा कि इन लोगों ने सीमा पार कर लीं।
महिला आयोग ने भी खैरा से 12मार्च तक मांगा जबाब
हरपाल चीमा ने इसे अनुसूचित जाति समुदाय की बहू, बेटियों का अपमान बताते हुए कहा कि कांग्रेस की नेताओं की हर समय यही बयानबाजी रहती है। कभी यह किसी को काला कह देते हैं तो कभी किसी को बैंड बाजे बजाने वाला, इन्हें मानसिक तौर पर स्वास्थ्य लाभ लेने की जरूरत है। वही महिला आयोग ने भी खैरा से 12मार्च तक जबाब देने को कहा है।
विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि उन्होंने सुखपाल सिंह खैहरा का यह बयान नहीं देखा है लेकिन अगर उन्होंने ऐसा कहा है तो वह इसके लिए क्षमा मांगते हैं और इस बात को आगे नहीं बढ़ाया जाना चाहिए।
उन्होंने हरपाल चीमा की ओर से कांग्रेसी नेताओं की ओर से अनुसूचित जाति के प्रति बरती गई शब्दावली को लेकर भी कहा कि जिन लोगों की वित्त मंत्री ने बात की है वह इस सदन का हिस्सा नहीं है और वह अपनी बात कई बार स्पष्ट भी कर चुके हैं।
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