कर्मों का लेखा-जोखा रखने वाले शनिदेव की पौराणिक कहानी

शनिवार को शनिदेव भगवान के पूजा का महत्व है, शनिदेव भगवान को न्याय का देवता कहा जाता है। क्योंकि वह मनुष्यों को उनके कर्मों के आधार पर न्याय देते हैं। शनिदेव को उनके न्यायप्रिय स्वभाव के कारण न्यायाधीश और कर्मफलदाता के नाम से भी जाना जाता है। वह मनुष्य को उनके अच्छे और बुरे कर्मों के अनुसार तुरंत फल देते हैं।

 

शनिदेव बिना किसी भेदभाव के चाहे वह सामान्य व्यक्ति हो या देवता उन्हें यह शक्ति भगवान शिव से मिली थी और वे कर्मों के आधार पर ही दंड या पुरस्कार देते हैं, मान्यता है कि जब किसी मनुष्य के जीवन में बुरा समय चल रहा होता है, तो कहा जाता है कि शनिदेव उसकी परीक्षा ले रहे होते हैं। जो व्यक्ति को उसके कर्मों की सजा दे रहे होते हैं। आज जानते है शनिदेव को इतनी बड़ी शक्ति को किसने दिया ।

 

किसने दिया शनि देव को वरदान

धार्मिक ग्रंथों के अनुसार शनिदेव भगवान सूर्य के पुत्र हैं। शनिदेव को भगवान शिव का वरदान प्राप्त है। जिसमें उन्होंने शनिदेव को मनुष्यों के कर्मों के अनुसार न्याय और फल देने का वचन दिया था । एक अन्य कथा के अनुसार यह भी माना जाता है कि उन्होंने कठोर तपस्या करके यह शक्ति प्राप्त की कि वे संसार के हर प्राणी को न्याय दिलाएंगे। इसके अलावा शनिदेव को उनकी न्यायप्रियता के लिए मृत्यु के देवता यमराज से भी सम्मान मिला था। यही वजह है कि शनिदेव को न्याय का देवता और कर्मों का फल देने वाला माना जाता है।

 

शनि देव की कठोर तपस्या

एक अन्य पौराणिक कथा के अनुसार, शनि देव अपने पिता सूर्य देव से अपमानित होकर अत्यंत दुखी हो गए। सूर्य देव को शनि देव के स्वभाव और गहरे रंग के कारण पसंद नहीं थे। इससे आहत होकर शनि देव ने भगवान शिव की घोर तपस्या करने का निर्णय लिया। वे एकांत में कठोर साधना की।

 

शनि देव ने वर्षों तक भूखे प्यासे रह कर बिना अन्न-जल ग्रहण किए कठिन तपस्या की। उनकी तपस्या इतनी कठिन थी कि देवता भी चकित हो गए। शनि देव की तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने प्रकट होकर उनसे वरदान मांगने के लिए कहा। शनि देव ने बड़ी विनम्रता से कहा, ‘प्रभु! मैं चाहता हूं कि मुझे इतनी शक्ति प्राप्त हो कि मैं प्राणियों को उनके कर्मों के अनुसार फल देने में सक्षम हो सकूं। किसी को भी अन्याय न मिले और सभी को उनके कर्मों का उचित परिणाम प्राप्त हो।’

 

भगवान शिव ने शनि देव की भक्ति और उनके न्यायप्रिय स्वभाव को देखते हुए उन्हें वरदान दिया भगवान शिव के वरदान से शनिदेव न्याय के देवता कहलाए। भगवान शिव ने कहा तुम्हारी दृष्टि अत्यंत शक्तिशाली होगी और जो भी व्यक्ति अधर्म या पाप करेगा, उसे तुम्हारी दशा से गुजरना होगा ।