त्याग की चादर के पीछे छिपा गुनाह – थाईलैंड में भिक्षुओं के नाम पर चला ब्लैकमेलिंग रैकेट, ‘मिस गोल्फ’ गिर*फ्तार”!

चंडीगढ़, 21 जुलाई: बौद्ध धर्म की शांत और पवित्र छवि को झकझोर देने वाला एक चौंकाने वाला मामला थाईलैंड से सामने आया है। धर्म, नैतिकता और संयम के प्रतीक माने जाने वाले बौद्ध भिक्षुओं को निशाना बनाकर रचे गए एक हाई-प्रोफाइल सेक्स और ब्लैकमेलिंग स्कैंडल का भंडाफोड़ हुआ है। इस खुलासे ने ना केवल थाईलैंड की धार्मिक व्यवस्था, बल्कि आम जनता के सामाजिक विश्वास को भी हिला कर रख दिया है।

‘मिस गोल्फ’ की गिरफ़्तारी से खुला जाल

थाईलैंड की पुलिस ने 35 वर्षीय महिला विलावन एम्सावट को इस गोरखधंधे का मास्टरमाइंड बताया है। यह महिला “सीका गोल्फ” या “मिस गोल्फ” के नाम से सोशल मीडिया पर भी जानी जाती है।

वह बौद्ध भिक्षुओं के संपर्क में आकर उन्हें निजी और अंतरंग संबंधों के लिए उकसाती थी। जैसे ही भिक्षु उसकी बातों में फँसते, वह छुपे कैमरे से आपत्तिजनक वीडियो और फोटो रिकॉर्ड कर लेती और फिर उन्हें ब्लैकमेल कर करोड़ों की रकम वसूलती।

रिकॉर्ड बरामद: अश्लील सामग्री का जखीरा

पुलिस जब महिला को बैंकॉक के नॉन्थाबुरी जिले से गिरफ्तार करने गई, तो उसके पास से 5 मोबाइल फोन जब्त किए गए।
इन फोन में:

  • 5,600 से अधिक आपत्तिजनक वीडियो

  • 80,000+ तस्वीरें

  • और चैट रिकॉर्ड्स मिले हैं।

इनमें से कई में थाईलैंड के प्रमुख बौद्ध मठों से जुड़े वरिष्ठ भिक्षुओं की तस्वीरें और वीडियो शामिल हैं।

धर्म से बाहर और देश से बाहर हुए भिक्षु

इस स्कैंडल का असर सिर्फ ब्लैकमेलिंग तक सीमित नहीं रहा। कई भिक्षु जिनकी वीडियो या फोटो इस गिरोह के पास थीं, उन्होंने खुद को धार्मिक जीवन से अलग कर लिया, कुछ देश छोड़कर भाग गए, तो कुछ अज्ञात स्थानों पर छिपे हुए हैं।

थाई मीडिया ने इसे “धर्म के नाम पर सबसे बड़ा धोखा” बताया है।

सोशल मीडिया पर चर्चा और आक्रोश

‘बैंकॉक पोस्ट’ और अन्य प्रमुख समाचार एजेंसियों ने इसे थाईलैंड के इतिहास का सबसे बड़ा धार्मिक सेक्स स्कैंडल कहा है।
सोशल मीडिया पर लोगों में भारी गुस्सा है। धार्मिक नेताओं से जवाब मांगा जा रहा है, जबकि पुलिस पर दबाव बढ़ रहा है कि वह इस रैकेट के सभी सदस्यों की पहचान करे।

एक महिला नहीं, पूरा गिरोह?

जांच एजेंसियों को संदेह है कि यह महिला अकेले नहीं थी। अब साइबर क्राइम टीम और धार्मिक मामलों की विशेष जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि इस ब्लैकमेलिंग नेटवर्क में कितने और लोग शामिल हो सकते हैं।

कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, इस स्कैम में शामिल कुछ लोग भिक्षुओं की आर्थिक लेन-देन से भी जुड़े हो सकते हैं, जिससे पता चलता है कि यह धार्मिक आस्था के भीतर पनपा एक बड़ा अपराध तंत्र है।