यूपी के हर जिले में लगेगा ‘स्वदेशी मेला’

उत्तर प्रदेश सरकार ने हस्तशिल्पियों, उद्यमियों और कारीगरों को बड़ा मंच देने के लिए इस वर्ष दिवाली से पहले पूरे प्रदेश में स्वदेशी मेला आयोजित करने की घोषणा की है। अभी तक यह सिर्फ 18 मंडलों में लगता था लेकिन अब इसका विस्तार किया गया है योगी सरकार की मंशा है कि इस स्वदेशी मेले के आयोजन  से हस्तशिल्पी उद्दयमियों  और कारीगरों के लिए अपने उत्पाद लोगों तक पहुंचाने का एक बड़ा मंच होगा

सभी जिलों में 9-10 दिन तक चलेगा मेला

 

एमएसएमई मंत्री राकेश सचान ने बताया कि इस बार राज्य के सभी जिलों में लगभग 9 से 10 दिन का व्यापार मेला आयोजित होगा। उन्होंने कहा कि यह आयोजन उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो के बैनर तले होगा और उसके नीचे स्वदेशी मेला लिखा जाएगा। इस पहल का उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा दिए गए लोकल टू वोकल मंत्र को आत्मसात करना और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देना है। इन मेलों का शुभारंभ प्रदेश के विभिन्न जनपदों में मंत्री और विधायक करेंगे। प्रदर्शनी में स्थानीय उत्पादों को प्रमुखता दी जाएगी।

 

अगले वर्ष 25 से 29 सितंबर 2026 को यूपीआईटीएस के चौथे चरण का आयोजन और भी वृहद पैमाने पर किया जाएगा।  उन्होंने बताया कि प्रदेश में तीन यूनिटी मॉल (लखनऊ, वाराणसी और आगरा) की स्थापना केंद्र सरकार के फंडिंग से शुरू हो चुकी है। सचान ने कहा कि राज्य सरकार की योजना है कि सभी 75 जिलों में यूनिटी मॉल स्थापित किए जाएं। ताकि, हर जिले का उत्पाद सीधे बाजार से जुड़ सके।

 

 

कारीगरों और छोटे उद्यमियों को मिलेगा बड़ा मंच

इस पहल का मकसद है कि स्थानीय कारीगरों और छोटे उद्योगों को सीधा बाजार मिले, ताकि वे अपने सामान बेचकर अच्छी कमाई कर सकें। खास बात ये है कि इन मेलों में हर जिले के ODOP (One District One Product) और GI टैग प्राप्त उत्पादों को प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा। इससे न केवल लोगों को अपने जिले के उत्पादों के बारे में जानकारी मिलेगी, बल्कि वे अन्य जिलों और राज्यों के खास उत्पाद भी देख और खरीद सकेंगे। रिपोर्ट न्यूज पीडिया24